कानपुर। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने होली पर शहर में ही करीब 600 करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना जताई है। प्रदेश में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2021 से पहले जहां चीनी सामान का दबदबा रहता था, वहीं अब स्वदेशी उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पंकज अरोरा ने बताया कि इस बार होली पर स्वदेशी हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री और परिधानों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है। होली से जुड़े सामान के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल-फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी उत्पाद और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की भी अच्छी बिक्री हो रही है। सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट और हैप्पी होली लिखी टी-शर्ट युवाओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शहर के थोक व खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हैं। पारंपरिक गुझिया की बिक्री में भी खासा उछाल देखा जा रहा है।
कैट के प्रदेश महामंत्री अशोक बाजपेई ने बताया कि कानपुर सहित प्रदेशभर में होली मिलन समारोहों के लिए बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्टोरेंट बुक हुए हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर में 2 मार्च की देर रात होलिका दहन होगा, जबकि चंद्रग्रहण के कारण रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी। ऐतिहासिक गंगा मेला 10 मार्च को आयोजित होगा, जिसके चलते 10 मार्च तक शहर के मुख्य बाजार बंद रहेंगे।
इस वर्ष लोग केमिकल रंगों की बजाय हर्बल और प्राकृतिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं बच्चों में स्पाइडर-मैन और छोटा भीम जैसे लोकप्रिय पात्रों वाली पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। व्यापारी नेताओं का कहना है कि इस वर्ष की होली व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, कुटीर उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होने की उम्मीद है।