मामले का खुलासा होते ही सफाईकर्मी भूमिगत हो गया है। खाते से रकम गायब होने की बात सामने आने पर बैंक मैनेजर अनिल कुमार वर्मा ने खाते की जांच पड़ताल कराई। इसमें खाते से साढ़े उन्नीस लाख की निकासी को स्वीकार किया है। पीड़ित ने बताया कि शाखा प्रबंधक ने मनोज निगम के खाते से दो लाख रुपए जमा कराएं है।
इससे साबित होता है कि शाखा प्रंबधक भी मामले में संलिप्त है। मामला उजागर होने पर मंडलीय शाखा व विजीलेंस टीम से जांच कराई गई। जिस पर धोखाधड़ी साबित होने पर कैशियर नागेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं सफाईकर्मी शिवम सविता गायब है।
खाताधारक ने पुलिस अधीक्षक से जांच के बाद बैंक मैनेजर, सफाई कर्मी व कैशियर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व उसकी जमा पूंजी वापस दिलाए जाने की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी है।
इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि खाताधारक ने जून माह में उनसे शिकायत की थी। उस समय फौरी तौर पर साढ़े उन्नीस लाख की निकासी पकड़ में आई थी। तकरीबन साढ़े चौबीस लाख की निकासी की बात सामने आई है। विजिलेंस टीम की जांच जारी है। इस प्रकरण में उनकी किसी तरह के संलिप्तता नहीं है।