इसी तरह 20 दिन पहले बृजेश के बेटे शिवम के हाथ में भी घाव कर दिया था। उसकी कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में सर्जरी में एक लाख रुपये खर्च हुए। प्रधान संघ के पूर्व संयोजक लल्लन अग्निहोत्री ने प्रशासन से समस्या दूर कराने की मांग की है।
खर्च करे पंचायत, तो भेजे पिंजड़ा
वन विभाग के रेंजर रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम पंचायत ने कोई पहल नहीं की। वह अनुमति देकर बंदर पकड़ने वाली टीम को पिंजड़ा सहित भेजेंगे। खर्चा ग्राम पंचायत को करना होगा।