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Kanpur News: बढ़ा शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल से आंखों के लिए खतरनाक

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कानपुर। शुगर, बीपी और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल आंखों की रोशनी के लिए खतरनाक है। इसमें आंखों की रेटिनल आर्टरी (खून की नली) बंद हो जाती हैं। इसे रेटिनल ऑक्लूजन या आंखों का स्ट्रोक कहते हैं। इसमें आंख के पीछे एक पतली और संवेदनशील परत होती है जिसमें लगातार खून की आपूर्ति होती है ताकि वे ठीक से काम कर सकें। ये खून रेटिनल आर्टरी के जरिये पहुंचता है। धमनी में रुकावट की वजह से खून का प्रवाह रुक जाता है तो रेटिना की कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे कुछ ही मिनटों में खत्म होने लगती हैंं। इससे अचानक आंखों की रोशनी चली जाती है जो स्थायी होती है।
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यह जानकारी कोयंबटूर से आए कैटरेक्ट रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. डी रामामूर्ति ने स्वरूपनगर स्थित होटल में कानपुर ऑप्थेल्मिक सोसाइटी की ओर से आयोजित वार्षिक कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि इसलिए जिसे भी शुगर, बीपी या कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है, वे आंखों की जांच जरूर करा लें लेकिन इसमें विजन टेस्ट नहीं बल्कि आंख के पर्दे की जांच कराना है। कार्यक्रममें विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञों डॉ. सुहास हल्दीपुरकर, डॉ. गौरव लूथरा, डॉ. सुनीता दुबे, डॉ. डी. रामामूर्ति, डॉ. कस्तूरी भट्टाचार्य, डॉ. दिनेश तलवार, डॉ. विपिन साहनी, डॉ. अनघा हिरूर, डॉ. जतिंदर वाहि, डॉ. जिमी मित्तल, डॉ. राश्मिन गांधी, डॉ. प्रशांत भवानकुले और डॉ. रूपक रॉय ने रेटिना केयर, कॉर्निया, मोतियाबिंद और नेत्र सर्जरी में नवीन पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा की। ग्लूकोमा विशेषज्ञ डॉ. सुनीता दुबे ने बताया कि हृदय की तरह आंखों का प्रेशर बढ़ जाने पर भी इसका इलाज आई स्टंट डालकर करते हैं। इससे ग्लूकोमा के रोगी में आंखों का प्रेशर कम होता है। ये सर्जरी पांच से दस मिनट की होती है। हालांकि अभी ये सर्जरी थोड़ी महंगी है। इसलिए हमारी कोशिश रहती है कि आंखों में ड्रॉप डालकर ही प्रेशर कम किया जाए।




18 साल से पहले न कराएं चश्मा हटाने की सर्जरी

नागपुर से आए डॉ. प्रशांत ने कहा कि चश्मा हटाने के लिए सर्जरी 18 साल से पहले न कराएं। इसकी सर्जरी 18 साल के बाद ही होती है। उन्होंने बताया कि एक खास बात ये है कि 18 साल के पहले बच्चों का स्क्रीन टाइम ज्यादा है तो उनका पॉवर जल्दी बढ़ता है। बताया कि अब एक नई तकनीक फेकिक लेंस आ गई है जो ओरिजिनल लेंस के ऊपर लगाते हैं तो इससे स्थायी रूप से आंखों से चश्मा हट जाता है।
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