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जानें, अखिलेश का अाधा अधूरा एक्सप्रेस-वे कैसे बना ‘मौत का रास्ता’

Mon, 06 Mar 2017 08:46 AM IST
योगेश यादव/ आनंद प्रकाश जोशी, अमर उजाला, कानपुर
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
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सीएम अखिलेश यादव के विकास का चुनावी मुद्दा बना आधा अधूरा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे ‘मौत का रास्ता’ बन गया है।  सुरक्षा के मानक पूरे न होने और निर्माण कार्य चालू होने से कई जगह ट्रैफिक रूट डायवर्जन के कारण ये हादसों का एक्सप्रेस-वे साबित हो रहा है। 15 दिन में 12 हादसे हो चुके हैं। जिनमें सात लोगों की मौत व 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। लखनऊ से लेकर आगरा तक 302 किमी लंबे एक्सप्रेस वे का 21 नवंबर को सीएम अखिलेश यादव ने उद्घाटन किया था।
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एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन में जल्दबाजी

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
सीएम अखिलेश ने अपने उद्घाटन भाषण में साफ कहा था कि तय समय सीमा से पहले ही निर्माण पूरा कर लिया गया है। हालांकि वाहनों का आवागमन 23 दिसंबर से शुरू होने की बात कही थी। सरकार की उपलब्धियों में शुमार कराने के लिए एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन में जल्दबाजी ने इसे हादसों का एक्सप्रेस-वे बना दिया है। उद्घाटन के तीन माह बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है। कहीं पुलिया का निर्माण अधूरा है तो कहीं नदी पुल की स्लैब नहीं पड़ पाई। सेफ्टी ग्रिल, डिवाइडर, रोड साइन और लाइटिंग का काम भी अभी अधूरा है। इसके कारण कई जगह रूट डायवर्जन है तो कहीं पर बैरियर लगाकर मार्ग को बंद किया गया है। यही वजह है कि फर्राटा भरते वाहन हादसों का शिकार हो रहे हैं।

यह हैं एक्सीडेंटल स्पॉट

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
औरास। लखनऊ से आगरा की ओर जाने वाली सड़क पर मटरिया गांव के पास टोल टैक्स बैरियर निर्माणाधीन है। इससे करीब 500 मीटर का दोनों तरफ  ट्रैफिक डायवर्जन है। मैनी भावा खेड़ा गांव के सामने पुल का निर्माण हो रहा है 300 मीटर का डायवर्जन है। औरास कस्बा के पास सई नदी पर पुल की एक तरफ की स्लेप न पड़ने से 600 मीटर डायवर्जन है।

सई नदी के पुल की रेलिंग अधूरी

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
लोधा टीकुर गांव के सामने सई नदी के पुल की रेलिंग अधूरी है, इससे जानवर आ जाते हैं। यहां भी  डायवर्जन है। लखनऊ की ओर हाजीपुर गोसा, मैनी भावाखेड़ा, शाहपुर तोंदा और बड़ादेव गांव के आसपास डिवाइडर का काम अधूरा है। कहीं एंगल लगे हैं तो कही मिट्टी डाली जा रही है। सेफ्टी ग्रिल भी नहीं लगाई जा सकी है। 

जल्द पूरा होगा काम 

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
यूपीडा के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा की दृष्टि से जो काम बाकी रह गया है उसे जल्द ही पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया निर्माण कार्य तेजी से पूरे कराए जा रहे हैं।

अवैध कट बना दिए गए 

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
निर्माण एजेंसी अपकान के मैनेजर वेंकट सुम्मैया ने बताया कि निर्माण कार्य अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। सड़क में नमी होने के कारण भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है, लेकिन कई जगह अवैध रूप से भारी वाहन एक्सप्रेस वे पर आ जाते हैं जो हादसों की वजह बनते हैं। निर्माण पूरा करने के साथ ही अवैध कट भी बंद कराए जा रहे हैं।

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर एक नजर

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
लंबाई 302 किलोमीटर
चौड़ाई 110 मीटर
लेन-06
लागत 13200 करोड़ रुपये
शिलान्यास 23 नवंबर 2014
उद्घाटन 21 नवंबर 2016
निर्माण अवधि 25 माह
लखनऊ से दिल्ली का सफर 6 घंटे में
एक्सप्रेस-वे में 13 बड़े व 52 छोटे पुल
एक्सप्रेस-वे 132 फुट ओवरब्रिज 59 अंडरपास
लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, हरदोई, कन्नौज, औरैया, इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद से आगरा
बांगरमऊ तहसील में खंभौली के पास 3.3 किमी हवाई पट्टी
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एक्सप्रेस-वेः हादसाें पर एक नजर

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का ये है हाल
2 मार्च को हसनंगज के पास अंधेर में डिवाइडर से टकराकर बाइक सवार बिहार प्रांत के मधुबनी नरार गांव निवासी बबलू शर्मा की मौत, साथी शत्रुघ्न घायल। एक मार्च को बांगरमऊ कोतवाली के सिरधरपुर गांव के पास कार और डंपर की भिड़ंत में शेरपुरकला गांव निवासी रवि की मौत, चार लोग घायल।
28 फरवरी को बांगरमऊ कपूरपुर के पास पंपापुर गांव निवासी बालकराम की कंटेनर की टक्कर से मौत, साथी घायल। 6 फरवरी को औरास के दिपवल गांव के सामने वाहन की टक्कर से बाइक सवार हरदोई निवासी पुष्पेंद्र मौत, साथी घायल। 16 फरवरी को रघुरामपुर गांव के पास इनोवा और बस में भिड़ंत में लखनऊ के सरोजनी नगर निवासी कार चालक शफीक, बहराइच निवासी पुरोहित की मौत, चार लोग घायल 22 फरवरी को औरास थानाक्षेत्र में फर्रूखाबाद संजय की मवेशी से टकराकर मौत। 
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