आयकर विभाग की गाजियाबाद टीम ने सोमवार को कानपुर शहर के शिक्षण संस्थान विजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के दो प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया। ये प्रतिष्ठान महाराजपुर थाने के पास स्थित कॉलेज और शांतिनगर स्थित ऑफिस हैं। इन दोनों प्रतिष्ठानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
गाजियाबाद में आयकर विभाग की छूट (एग्जम्पशन) मामलों की विंग है। इसके संयुक्त आयकर आयुक्त आरके सिंह के निर्देश पर उपनिदेशक राधारानी शर्मा ने यहां सर्वे किया। विभाग के सूत्र बताते हैं कि श्यामनगर निवासी कनिष्क पांडेय और इनके भाई विशाल पांडेय विजन एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट चलाते हैं।
इस ट्रस्ट के अधीन ही विजन ग्रुप्स ऑफ इंस्टीट्यूशन्स काम करता है। इसके तहत अलीगढ़ और कानपुर में शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। इनमें पॉलिटेक्निक, आईटीआई, बीटेक और मैनेजमेंट के कोर्स करवाते हैं। बताते हैं चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियों का अंजाम दिया जा रहा था। कई बार ऐसी आयकर छूट का लाभ लिया गया जिसके ये हकदार नहीं थे। 20 से ज्यादा अफसरों ने आठ घंटे से अधिक समय तक दस्तावेजों की जांच की। बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। अफसरों ने दोनों भाइयों को 30 जनवरी को गाजियाबाद ऑफिस में तलब किया गया है। बता दें कि कनिष्क पांडेय कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नेता हैं। पूर्व में ये कांग्रेस यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।