मैनचेस्टर अाफ ईस्ट कहे जाने वाले कानपुर शहर में एक बड़े इंडस्ट्रलिस्ट के ठिकानाें पर अायकर विभाग के छापाें से पूरे यूपी में सनसनी फैल गई है। एक साथ कई ठिकानाें पर छापेमारी कर विभाग ने टैक्स चाेरी करने वाले व्यापारियाें के खिलाफ जंग का एलान किया है।
सभी ठिकानों से दो हजार और पांच सौ की गड्डियों में करीब एक करोड़ रुपये नकद मिले हैं। नोटों की पुख्ता संख्या जानने के लिए गिनती जारी है। यहां से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं। अफसरों ने सभी परिसरों में मिले दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। इन्हें जब्त कर जांच के लिए बेनामी संपत्ति अनुभाग भेजा गया है। विभिन्न बैंकों में सात लॉकरों का पता चला है। इनकी जांच शुक्रवार को बैंक खुलने पर होगी।
नौ ठिकानों पर गुरुवार को आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ छापामारी की
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कानपुर शहर के जाने माने कान्हा होटल ग्रुप और बस सर्विस संचालक राजिंदर सिंह छाबड़ा और उनके भाई गुरदीप सिंह छाबड़ा के नौ ठिकानों पर गुरुवार को आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ छापामारी की। विभाग के छापे की सूचना कुछ ही देर में पूरे यूपी में जंगल की अाग की तरह फैल गई। आयकर महानिदेशक अमरेंद्र कुमार और संयुक्त निदेशक अमरेश कुमार तिवारी के निर्देश पर तीन दर्जन अधिकारियों की टीमों ने होटल व्यवसायी के ठिकानों पर सुबह करीब नौ बजे धावा बोला। इसके लिए पुलिस और पीएसी की सुरक्षा भी ली गई। आयकर अफसरों ने सबसे पहले जीटी रोड पर कोकाकोला चौराहे के पास स्थित होटल कान्हा गैलेक्सी, कान्हा कान्टीनेंटल और कान्हा इंटरनेशनल को अपने कब्जे में लिया।
अफसरों ने कान्हा होटल ग्रुप के नौ परिसरों को अपने कब्जे में ले लिया था
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इसके बाद घंटे दर घंटे जांच का दायरा बढ़ता गया। दोपहर एक बजे तक अफसरों ने कान्हा होटल ग्रुप के नौ परिसरों को अपने कब्जे में ले लिया था। इनमें राजिंदर सिंह छाबड़ा के मॉडल टाउन स्थित आवास, उनके भाई गुरदीप सिंह के गुमटी स्थित घर और जीटी रोड पर बने दो ऑफिस, राजिंदर (छाबड़ा) बस सर्विस के कोकाकोला चौराहा स्थित ऑफिस, जीटी रोड पर ही आरबीएस मोटरसाइकिल के शोरूम शामिल हैं। दोनों भाइयों के घरों, शहर और शहर के बाहर स्थित फ्लैट, प्लाट और मकानों की 10 रजिस्ट्रियां मिली हैं। बैंक लॉकरों में ज्वैलरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लॉकर परिसरों की जांच होेने के बाद खोले जाएंगे।
बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे
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जांच करने वाली टीमों का नेतृत्व उपनिदेशक वेद प्रकाश, सहायक निदेशक केके मिश्रा, डा. सौरभ आनंद आदि ने किया। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी। सभी ठिकानों से दो हजार और पांच सौ की गड्डियों में करीब एक करोड़ रुपये नकद मिले हैं। नोटों की पुख्ता संख्या जानने के लिए गिनती जारी है। यहां से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं। अफसरों ने सभी परिसरों में मिले दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। इन्हें जब्त कर जांच के लिए बेनामी संपत्ति अनुभाग भेजा गया है। विभिन्न बैंकों में सात लॉकरों का पता चला है। इनकी जांच शुक्रवार को बैंक खुलने पर होगी।