आयकर विभाग के छापे के दौरान टूटा पड़ा शटर और शीशा
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के कानपुर में आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बुधवार को शताब्दी प्लाई और दरवाजे बनाने वाली शहर की जानी मानी कंपनी बावा फ्लोट ग्लास लिमिटेड व दिल्ली की सहयोगी कंपनी लक्ष्मी फ्लोट ग्लास लिमिटेड के देश भर में 23 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। इनमें कानपुर में सात, दिल्ली में आठ, इलाहाबाद में दो, नोएडा और गाजियाबाद में चार, देहरादून में दो प्रतिष्ठान शामिल हैं। शुरुआती जांच में ही 80 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आ चुकी है।
प्रधान आयकर निदेशक (जांच) अमरेंद्र कुमार के निर्देश पर कई शहरों के 250 से ज्यादा अफसरों की 40 टीमों ने दोनों समूहों पर कार्रवाई की। आयकर अफसरों ने सुबह आठ बजे सबसे पहले बावा फ्लोट ग्लास लिमिटेड के मालिक राधाकृष्ण अग्रवाल के स्वरूपनगर स्थित आवास और जरीब चौकी स्थित कारखाने को कब्जे में लिया। इसके बाद अन्य शहरों से भी छापे की सूचना आने लगीं।
दोपहर तक छापे वाले प्रतिष्ठानों की संख्या 23 तक पहुंच गई थी। बावा फ्लोट ग्लास लिमिटेड में राधाकृष्ण अग्रवाल, वृंदावन बिहारी लाल अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, पूनम अग्रवाल समेत 11 लोग निदेशक हैं। आयकर अफसरों ने इन सभी के घरों को भी जांच में शामिल किया। सभी 23 प्रतिष्ठानों की शुरुआती जांच में ही अफसरों को करीब 80 करोड़ रुपये टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं। भारी मात्रा में कैश मिलने की भी सूचना है।
आयकर विभाग के छापे के दौरान टूटा पड़ा शटर
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आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि कैश की गिनती नहीं हुई है। सभी प्रतिष्ठानों को ठीक से खंगालने के बाद इसकी गिनती की जाएगी। इसके अलावा बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज, अघोषित फर्मों और कंपनियों से संबंधित कागजात मिले हैं। घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में मिले कंप्यूटर, लैपटॉप भी जब्त कर लिए गए हैं। आयकर अफसरों को बड़ी सफलता हाथ लगने की उम्मीद है।
कानपुर में इन स्थानों पर पड़ा छापा
बावा फ्लोट ग्लास हाउस के शहर स्थित सात प्रतिष्ठानों में छापा पड़ा। इनमें स्वरूपनगर स्थित घर, जरीब चौकी में शोरूम और कारखाना, कौशलपुरी स्थित ऑफिस, डिप्टी पड़ाव और रूमा स्थित कारखाने, बीएम मार्केट और परमपुरवा स्थित गोदाम शामिल हैं।
कारोबारियों का प्रोफाइल
स्वरूप नगर निवासी कारोबारी वृंदावन बिहारी लाल अग्रवाल, राधाकृष्ण अग्रवाल का प्वाईवुड शीट, प्लाई के दरवाजे और शीशे का बड़ा कारोबार है। सालाना टर्नओवर करीब चार सौ करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इनके दो ग्रुप हैं। बावा फ्लोट ग्लास लिमिटेड और बावा शीट ग्लास लिमिटेड। लेकिन अघोषित तौर पर रीयल इस्टेट में भी काफी निवेश किया है। दिल्ली की कंपनी लक्ष्मी फ्लोट ग्लास लिमिटेड इनके कारोबार में सहयोगी है। दोनों ग्रुप अलग-अलग हैं लेकिन काम मिलकर करते हैं।
लक्ष्मी फ्लोट की दूसरी कंपनी हिंदुस्तान ग्लास वर्क्स लिमिटेड भी है। इस ग्रुप का सालाना टर्नओवर करीब 500 करोड़ रुपये है। इनकी इलाहाबाद में ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि लक्ष्मी फ्लोट ग्लास लिमिटेड के मालिक लक्ष्मी नारायण अग्रवाल की 10 से ज्यादा फर्मों का पता चला है। इन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।