लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय संपत्ति घोषित करने के मामले में प्रत्याशियों की होशियारी इस बार नहीं चलेगी। नामांकन पत्र में घोषित संपत्ति जांच में ज्यादा मिली तो आयकर विभाग उसे बेनामी मानते हुए कार्रवाई करेगा।
भले ही वह संपत्ति बेनामी के दायरे में न आ रही हो, लेकिन आयकर विभाग इस तर्क के साथ कार्रवाई करेगा कि उसे सार्वजनिक नहीं किया गया। आयकर विभाग इस बार लोकसभा चुनाव में किसी रियायत के मूड में नहीं है। कालाधन रोकने के लिए कई स्तर की तैयारियों के बाद अब नई व्यवस्था यह लागू की है कि नामांकन पत्र की एक कॉपी आयकर विभाग में भी जमा होगी।