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कालाधन काला ही रहा, आयकर के चश्में से नहीं दिखे 'राजनीति के धनकुबेर', चुनावी दौर की बड़ी नाकामी

Fri, 10 May 2019 05:18 PM IST
शिखा पांडेय प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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कानपुर में आयकर विभाग के प्रधान निदेशक (जांच) अमरेंद्र कुमार के कार्यकाल में लोकसभा चुनाव का दौर बेहद निराशाजनक रहा। कालेधन पर जब सबसे ज्यादा अंकुश लगाने की जरूरत थी, तब आयकर अफसरों को कोई अप्रत्याशित या वांछित सफलता नहीं मिली। ज्यादातर रकम पुलिस ने पकड़ी और बाद में जांच के लिए आयकर अफसरों को सुपुर्द की गई। आयकर निदेशालय (जांच) पुलिस के काम को अपना मानकर खुश है।
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ऐसा नहीं है कि कालेधन के इस्तेमाल में सौ फीसदी लगाम लग गई और अफसरों के हाथ पांव मारने के बावजूद कुछ नहीं मिला। हकीकत ये है कि आयकर विभाग स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने में मात खा गया। इसी वजह से उसे कोई अप्रत्याशित सफलता नहीं मिली। कानपुर में तीन से चार करोड़ रुपये बरामदगी की सूचना है। यह सारी रकम पुलिस, प्रशासन और स्टेटिक टीमों ने पकड़ी। सवाल उठने लगे हैं कि कानपुर में राजनीति के धन कुबेरों और कालाधन बनाने वालों पर आयकर अफसरों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है। 

ऐसे किए गए थे उपाय 
चुनावी प्रक्रिया से पहले प्रधान निदेशक ने कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए बड़े दावे किए थे। पांच अफसरों की एक टीम चकेरी एयरपोर्ट पर तैनाती की गई थी। इस टीम को लोकसभा चुनाव के खत्म होने तक हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर नजर रखनी थी। सूत्र बताते हैं कि आयकर अफसरों को एयरपोर्ट से कुछ नहीं मिला।

विभाग ने लखनऊ और उत्तराखंड में दो कंट्रोल रूम स्थापित किए थे। शिकायत और सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी किए थे, ताकि जनता चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल की पुख्ता सूचना इन नंबरों पर दे सके। इस कवायद से भी कुछ हासिल नहीं हुआ। कुल मिलाकर विभाग का कोई भी हथियार काम नहीं आया।

तब बोले थे प्रधान निदेशक (12 मार्च, 2019)
आयकर विभाग के प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार ने आदर्श आचार संहिता लगने से पहले कहा दावा किया था कि नकदी के प्रवाह को रोकने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। चुनाव को धन बल से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। 

और अब बोले (9 मई 2019)
अभी मैं राज्य में दूसरे जिलों में होने वाले चुनाव में व्यस्त हूं। इस संबंध में बाद में बात करूंगा। 
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इन मामलों को पुलिस ने पकड़ा 
- कलक्टरगंज पुलिस ने 25 मार्च को मांस कारोबारी से 22 लाख की नकदी पकड़ी थी। मामले की जांच के लिए आयकर अफसरों को बुलाया गया था। अफसरों ने अग्रिम जांच के लिए रकम सीज कर दी थी। 
- कोतवाली पुलिस ने 27 मार्च को बड़ा चौराहे के पास चेकिंग के दौरान एक सहकारी बैंक के 69 लाख रुपये पकड़े। यह रकम पीरोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा करेंसी चेस्ट में जमा होने जा रही थी। जांच के लिए आयकर अफसरों को सूचित किया गया था। बाद में यह रकम छोड़ दी गई थी। 
 - कलक्टरगंज पुलिस ने ही 11 अप्रैल को नयागंज में कटे फटे नोटों के व्यापारी सुधाकर जायसवाल के घर से पांच बोरों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये बरामद किए थे। इसकी जांच के लिए भी आयकर अफसरों को बाद में बुलाया गया था। अफसरों ने यह रकम सीज कर दी थी। नोटिस भेजकर संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। 
- गोविंद नगर पुलिस ने 23 मार्च को स्पा सेंटर चलाने वाली दो लड़कियों से 2.34 लाख रुपये बरामद किए थे।
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