शादियों का मौसम शुरु होते ही शहर में टप्पेबाजी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पुलिस ने जब टप्पेबाजी के मामले की जांच की तो उनके होश उड़ गए। जांच में सच कुछ और ही सामने आया। पिछले कुछ महीनों से गैर प्रांतों का गिरोह शहर में डेरा डालकर टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा है।
कानपुर पुलिस ने शनिवार को महाराष्ट्र और तमिलनाडु के चार टप्पेबाजों को गिरफ्तार करके पूछताछ की। बीते सोमवार को अनवरगंज में रेलवे ठेकेदार व दो व्यापारियों की कारों से बैग उड़ाने की घटनाएं भी कबूलीं। पुलिस ने उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये, एटीएम कार्ड, सात मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल रबर गुलेल छर्रे व टायर कटर बरामद किया है।
पूछताछ में पता चला कि अनवरगंज से बांसमंडी के बीच सोमवार शाम फतेहपुर बिंदकी निवासी गल्ला आढ़ती जयकुमार साहू की कार के पहिये से हवा निकलने की बात कहकर दो युवकों ने सीट पर रखा ढाई लाख रुपये से भरा बैग पार कर दिया था। इसके बाद लालगंज निवासी रेलवे ठेकेदार विजेंद्र सिंह व फर्रुखाबाद निवासी अतुल कुमार की कार से भी बैग उड़ाया था। विजेंद्र के बैग में लाइसेंसी पिस्टल व कागजात, जबकि अतुल के बैग में नकदी व कागजात थे। इनके काम करने का अंदाज भी अनोखा है। गैर प्रांतों से आए सभी सदस्य चार पांच माह रुकने के बाद लौट जाते हैं।