उन्नावः शनिवार शाम को कड़ी सुरक्षा के बीच परिवार सहित लखनऊ से लौटकर होटल जाते समय पीड़ित किशोरी के चाचा ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि हम नार्को टेस्ट के लिए तैयार नहीं हैं। हम सच के सिवा कुछ नहीं कह रहे। हम नार्को ही नहीं, किसी किसी भी जांच और टेस्ट के लिए तैयार हैं। उन्होंने सीबीआई की जांच पर संतोष जाहिर किया।
पीड़ित किशोरी के चाचा ने बताया कि परिवार से किसी ने भी नार्को जांच से मना नहीं किया है। सीबीआई की जांच अच्छी दिशा में चल रही है। जब तक कुलदीप की रिमांड नहीं होगी, तब तक जांच और आगे कैसे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई के पास पर्याप्त सबूत हैं। तभी कोर्ट ने सात दिन की रिमांड दी है। सबूत न होते तो कोर्ट रिमांड ही न देती। शशि सिंह की गिरफ्तारी पर कहा कि, शशि सिंह सहयोगी हैं। उन्हें तो पहले ही दिन गिरफ्तार हो जाना चाहिए था। धीरे-धीरे सीबीआई और लोगों को गिरफ्तार करेगी। बहुत सारे लोग शामिल हैं, बहुत बड़ा चक्रव्यूह है। पूरा चक्रव्यूह टूटेगा।
पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के लिए सीबीआई ने खंगाले अभिलेख
पीड़ित किशोरी की ओर से पुलिस को दर्जनों बार प्रार्थनापत्र दिए जाने की बात कहने और पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में लाए जाने के बिंदु पर भी सीबीआई ने माखी पुलिस थाने में जांच की। सीबीआई ने शिकायत और सूचना रजिस्टर को बारीकी से देखा। माना जा रहा है कि सीबीआई निलंबित किए गए माखी थाना के तत्कालीन एसओ अशोक कुमार भदौरिया, एसआई केपी सिंह, हेड कांस्टेबल रामराज शुक्ला, कांस्टेबल लक्ष्य कुमार, अशोक सेन और मोहित कुमार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को माखी थाने में दूसरी बार हुई जांच में सीबीआई को कई अहम सबूत मिले हैं।