हैलट में बनाये गये आइसोलेशन वार्ड के बाहर जांच के लिए लगी भीड़
जीएसवीएम के जिस नॉन पीजी जूनियर डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उसने बुखार में हैलट इमरजेंसी के आर्थोपेडिक्स विभाग की यूनिट में ड्यूटी की। सैंपल लिए जाने तक वह अपनी ड्यूटी निभाता रहा। जब तबीयत बिगड़ी और सैंपल लिया गया तब वह छुट्टी पर गया। नॉन पीजी जेआर ने सोमवार को भी सामान्य ड्यूटी की और शुक्रवार को इमरजेंसी भी की। हालांकि उसने कोविड अस्पताल में ड्यूटी नहीं की। इसके बावजूद कोरोना पॉजिटिव निकलने से मेडिकल कॉलेज और हैलट में हड़कंप मच गया है। कोरोना की चेन बहुत लंबी हो सकती है।
नॉन पीजी जेआर हैलट इमरजेंसी में अस्थि रोग विभाग के रेजीडेंट डाक्टरों के संपर्क में तो आया ही, उसके साथ दूसरे विभागों के रेजीडेंट, रोगियों और उनके तीमारदारों और कर्मचारियों के संपर्क में भी आया। अंदाजा है कि वह कम से कम एक दिन में 50-60 लोगों के संपर्क में आया होगा। इसके बाद वह अपने किस-किस साथी से मिला है, उनकी संख्या भी पता नहीं। उसके साथ घूमने वाले एक नॉन पीजी जेआर को क्वारंटीन किया गया। इसके अलावा अस्थि रोग विभाग के 15 रेजीडेंट डॉक्टर भी शामिल हैं। जांच के लिए अस्पताल के 50 स्टाफ का सैंपल लिया गया है। सभी मेडिकल छात्रों और जूनियर डाक्टरों की बुधवार को स्क्रीनिंग की जाएगी।
कई मरीज और तीमारदारों पर भी खतरा
कोविड अस्पताल में कभी तैनात न किए जाने की वजह से शुरुआत में उस पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। सीनियर डॉक्टरों का कहना है कि शनिवार से उसकी तबीयत अधिक बिगड़ी लेकिन वह ड्यूटी करता रहा है। अभी उन रोगियों और उनके तीमारदारों तथा इनके संपर्क में आने वालों का भी पता नहीं है। रोगी और उनके तीमारदार भी संक्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा छात्रावासों में भी संकट बढ़ गया है। प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी के मुताबिक हॉस्टल में 100 छात्र होंगे। सबको क्वारंटीन किया जाना है। इसके अलावा वह दूसरे छात्रावासों में गया होगा और उसके वहां दोस्त होंगे, उन्हें भी चिह्नित करने में कालेज प्रशासन जुट गया है। एक नॉन पीजी जेआर के संक्रमित होने से कोरोना की चेन हैलट से लेकर मेडिकल कालेज परिसर में फैल गई है।
इमरजेंसी का हर विभाग सैनिटाइज किया
नॉन पीजी जेआर के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद हैलट और मेडिकल कालेज दोनों जगह सनसनी फैली है। सारे डॉक्टर संक्रमण को लेकर आशंकित हैं। कंसल्टेंट नॉन पीजी जेआर से तो नहीं मिले लेकिन वह जिससे मिला है, वे उसके संपर्क में आ सकते हैं। मंगलवार को इमरजेंसी के अस्थि रोग, मेडिसिन, सर्जरी को सैनिटाइज किया गया। इसके साथ ही छात्रावासों में मेडिकल छात्रों और रेजीडेंट डाक्टरों को मास्क, सैनिटाइजर आदि मुहैया कराए जा रहे हैं।