इसके बाद प्रभारी मंत्री, विधायक डॉ. सुरभि, सीआरपीएफ के डीआईजी एसपी सिंह, एचके कनौजिया, कमांडेंट अजय कुमार शर्मा, सहायक कमांडेंट राजवीर सिंह, डीएम संजय कुमार सिंह, एएसपी अजय प्रताप सिंह, एसडीएम संजय कुमार सिंह, सीओ सोहराब आलम ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने तिरंगा शहीद की पत्नी सुमन को सौंपा। बाद में शहीद के बेटे योगेंद्र उर्फ राजा ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान अन्य लोगों के साथ पत्नी सुमन ने पति की शहादत के नारे लगाए।
नहीं थम रहे थे पत्नी और बेटे के आंसू
रविवार को विनोद पाल की शहादत की सूचना मिलने के बाद से उनकी पत्नी सुमन और बेटे राजा के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। बेटा बार-बार मां से लिपटकर रो पड़ता था। सुमन बार-बार बेसुध हो रहीं थीं। उनके आसपास बैठीं महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाती रहीं। अंत्येष्टि स्थल पर विधायक डॉ. सुरभि पूरे समय शहीद की पत्नी के पास बैठकर उन्हें हिम्मत बंधाती रहीं।
प्रशासनिक अमले व जनप्रतिनिधियों ने भेंट किए पुष्प चक्र
शहीद विनोद पाल के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के ग्रामीण सहित तमाम जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक अमला पहुंचा। पूर्व विधायक अमर सिंह खटिक, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, अपना दल एस के जिलाध्यक्ष राहुल गंगवार, चेयरमैन सुनील चक, कंपिल चेयरमैन उदयपाल सिंह, अशोक वर्मा, नवनीत पाल आदि सहित शहीद की बहन बीना और बेबी ने पुष्प अर्पित करते समय बिलख पड़ीं। इसके अलावा समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बेचेलाल यादव, अशोक यादव, अंकित यादव, मुकेश यादव, योगेंद्र यादव ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
खेती का शौक रखते थे विनोद पाल
शहीद विनोद पाल एक अच्छे जवान होने के साथ अच्छे किसान भी थे। उनकी गांव में आम के साथ खेती भी है। पिछले साल वे छुट्टी लेकर आए थे तो पूरी छुट्टी गांव में रहकर बिताई। आम के सीजन में फसल बेचने के बजाय उसकी खुद ही रखवाली की थी। सीजन में आम खाए भी और गांव के लोगों को भी आम खिलाए थे। परिजनों का कहना है कि वे अक्सर कहते थे कि सेवानिवृत्त के बाद वे गांव में ही रहेंगे और खेती करेंगे।