रेलवे ने कानपुर से चलने और गुजरने वाली 21 ट्रेनों को 25 जून से निरस्त करने का फैसला लिया है। लखनऊ रेलवे स्टेशन और भाऊपुर रेलवे स्टेशन पर मरम्मत के काम की वजह से 16 जुलाई तक ट्रेनें निरस्त रहेंगी। रेलवे के इस फैसले से पहले से रिजर्वेशन करा चुके यात्रियों ने गहरी नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि गर्मियों के इन दिनों में बड़ी मुश्किल से ट्रेन में कन्फर्म टिकट मिला था, अब ट्रेन ही निरस्त कर दी गई है। मरम्मत के लिए पहले समय तय करना चाहिए और उन तारीखों में संबंधित ट्रेनों के रिजर्वेशन बंद कर देने चाहिए।
यात्रियों के लिए नियम, खुद के लिए नहीं
कानपुर के अशोक नगर के रहने वाले अनुराग निगम ने बताया कि उन्हें महानंदा एक्सप्रेस से 13 जुलाई को न्यू जलपाईगुड़ी जाना था। ट्रेन का टिकट भी दो महीने पहले ही करा लिया था। अब पता चला है कि 12 से 16 जुलाई तक यह ट्रेन निरस्त रहेगी। रेलवे सिर्फ यात्रियों के लिए नियम बनाता है, अपने ऊपर कोई नियम नहीं लागू करता है। यात्री कहीं जाने की योजना बनाकर 120 दिन पहले से ही टिकट कन्फर्म करा सकते हैं लेकिन रेलवे चार महीने पहले मरम्मत कराने और ट्रेनों के निरस्त करने का फैसला नहीं ले सकता है। अगर यह पहले से तय होता तो इन तारीखों में टिकट ही न मिलते।
गोमती में मुश्किल से मिला था टिकट, अब रद
कर्नलगंज के नफीस एरोज ने बताया कि उन्हें 27 जून को नई दिल्ली जाने के लिए किसी ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा था। इसलिए गोमती एक्सप्रेस से परिवार के साथ जाने के लिए सीट कन्फर्म कराई थी। ट्रैवेल एजेंट को हर टिकट पर 150 रुपये ज्यादा कमीशन दिया था। अब रेलवे ने इस ट्रेन को 25 जून से 12 जुलाई तक निरस्त कर दिया है। रेलवे का यह कदम तानाशाही भरा है। जब जरूरत समझी, ट्रेन निरस्त कर देता है। इतना बड़े सिस्टम की यात्रियों के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इस तरह के लापरवाही भरे रवैये वाले रेलवे नियमों को बदले।