कानपुर में कोरोना वायरस के खतरे की वजह से लगातार रेल टिकटों को निरस्त कराने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को कानपुर क्षेत्र में करीब 25 लाख रुपये के टिकट निरस्त कराए गए। इनमें लगभग 30 प्रतिशत काउंटरों पर बने और 70 प्रतिशत ई टिकट शामिल हैं। करीब 80 हजार ने यात्रा निरस्त की है। 1255 सीटों वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस से गुरुवार सुबह महज 424 यात्री ही नई दिल्ली गए। कई कोचों में एक-दो यात्री ही रवाना हुए।
टिकटों के निरस्तीकरण से गोविंदपुरी में कैश खत्म
रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटरों से गुरुवार को करीब साढ़े सात लाख रुपये के रेल टिकट निरस्त कराए गए। गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर तो निरस्तीकरण की लंबी लाइन होने पर कैश खत्म हो गया। इस पर लोगों से दूसरे स्टेशनों पर जाकर कैश बैक लेने को कहा गया। वहां के लोग अनवरगंज और कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुंचे। रेलवे ने रिजर्वेशन केंद्र प्रभारियों से बुकिंग डिपार्टमेंट से जरूरत पड़ने पर कैश लेने के निर्देश दिए हैं। अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर महज एक काउंटर ही खोला गया।
बाकी के काउंटर पर बैठे लोग झपकी लेते दिखे। इस काउंटर में लंबी कतार में टिकट निरस्त कराने वाले ही लगे रहे। जनरल टिकट का काउंटर दोपहर एक बजे बंद कर दिया गया। इससे यात्री जनरल टिकट लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर दो लाख रुपये के लगभग 500 टिकट, गोविंदपुरी में पौने दो लाख रुपये के 450 टिकट निरस्त हुए। इसके अलावा रावतपुर स्टेशन से 90 हजार रुपये, कल्याणपुर स्टेशन से 85 हजार, पनकी स्टेशन से 40 हजार रुपये के टिकट कैंसिल कराए गए।
260 प्लेटफार्म टिकट बिके, 1700 साधारण
50 रुपये का प्लेटफार्म टिकट होने के बाद कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर गुरुवार को 260 प्लेटफार्म टिकटों की बिक्री हुई। आम दिनों में कानपुर सेंट्रल पर 2200 से 2500 प्लेटफार्म टिकट प्रति दिन बिकते हैं। गुरुवार को इन टिकटों के बजाय कम दूरी के 1700 जनरल टिकट बिके। यह टिकट शुक्लागंज, पनकी, कल्याणपुर जैसे कम दूरी के स्टेशनों के थे। इस समय लोगों ने 50 रुपये का प्लेटफार्म टिकट लेने के बजाय 10 रुपये वाला सस्ता जनरल टिकट खरीदा। टिकट बेचने वाले रेल कर्मियों का कहना है कि अगर प्लेटफार्म टिकट कुछ दिनों के लिए महंगा किया है तो कम दूरी का न्यूनतम टिकट भी तब तक 50 रुपये करना चाहिए था।
स्टेशन, ट्रेनों और बसों में हुआ सैनिटाइजेशन
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों, डिप्टी सीटीएम ऑफिस, रिजर्वेशन केंद्रों, जीआरपी-आरपीएफ थानों, स्टॉलों पर सैनिटाइजेशन हुआ। फॉगिंग कराई गई। ट्रेनों में भी सैनिटाइजेशन कराया गया है। बस अड्डों पर आने वाली बसों की धुलाई के बाद दवाओं का छिड़काव हो रहा है। सभी डिपो से बिना धुलाई के बसों के बस अड्डों पर जाने से रोक है। आजाद नगर डिपो के एआरएम राजेश सिंह ने ड्राइवरों को साबुन दिया है। कहीं भी बस रुकने पर खाने-पीने के पहले और बाद में साबुन से हाथ धोने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्राइवरों की ट्रेनिंग पर रोक
रेलवे के फजलगंज में लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में 31 मार्च तक प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात ड्राइवरों और गार्डों की बायोमीट्रिक हाजिरी पर रोक लगाई गई है। कोरोना के खतरे के टलने के बाद इसे दोबारा लागू किया जाएगा।