कानपुर के आसपास केडीए और ग्राम समाज की जमीन पर धड़ल्ले से खनन जारी है। हालांकि सरकारी जमीनों को तालाब बनाने में अकेले माफिया की भूमिका नहीं है, सरकारी अफसर, ग्राम प्रधान, पुलिस और कुछ सत्ताधारी नेता भी खनन से होने वाली कमाई में गोता लगा रहे हैं। यही वजह है कि माफिया को न पुलिस का डर है न प्रशासन का भय। ग्रामीण हिम्मत जुटाकर शिकायत करने जाते भी हैं पर उनकी सुने कौन?
महाराजपुर में खनन, सनिगवां में इकट्ठा हो रही मिट्टी
बारिश में आमतौर पर खनन नहीं होता है। हालांकि यह सरकारी आदेश माफिया के गठजोड़ के आगे कागज के टुकड़े से ज्यादा कुछ नहीं। माफिया महाराजपुर, बिधनू क्षेत्र की सरकारी जमीनों पर खनन कराते हैं और चकेरी की सनिगवां चौकी और बिधनू की कुरिया चौकी के बीच में मिट्टी डंप कराते हैं। सबसे ज्यादा चंदन नगर और कांशीराम कॉलोनी के पास मिट्टी डंप की गई है। इसके बाद ब्रोकर के माध्यम से ऊंची कीमतों पर बेचते हैं। एक ब्रोकर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आमतौर पर 3500 रुपये में एक डंपर मिट्टी मिलती है लेकिन बारिश में माफिया इसे 5000 से लेकर 7000 रुपये तक में बेचते हैं।
लंबरदार की तिकड़ी के पास है सारी जिम्मेदारी
चौबेपुर, बिठूर और बिल्हौर में पंडितजी तो महाराजपुर, नर्वल और बिधनू में लंबरदारों की तिकड़ी ने खनन की सारी जिम्मेदारी ले रखी है। लंबरदारों की तिकड़ी में जिला बदर अपराधी, जिला पंचायत सदस्य और फौजी है। इन पर खनन से लेकर सरकारी अफसरों, पुलिस और सत्ताधारी नेताओं से सेटिंग करने की सारी जिम्मेदारी है। ग्रामीणों की मानें तो जिला बदर अपराधी पिछले कई सालों से खनन में लिप्त है।
खनन के साथ केडीए की जमीन पर कर दी थी प्लॉटिंग
ग्रामीणों की मानें तो खनन माफिया ने महाराजपुर में जीटी रोड से खोजऊपुर गांव तक खाली पड़ी केडीए की जमीन पर सालों खनन किया। इसके बाद जमीन कब्जाकर प्लॉटिंग भी शुरू कर दी थी। एक महीने पहले ही केडीए के अधिशासी अभियंता ने अभियान चलाकर कब्जे ध्वस्त किए थे। केडीए ने अवैध प्लॉटिंग तो ध्वस्त कर दी, लेकिन खनन के गड्ढे उन्हें नजर नहीं आए। खनन जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी किसी ने उनकी सुध नही ली।
सरकारी जमीनों पर यहां हुई खुदाई
- चकेरी और बिधनू क्षेत्र में आने वाले कुनिहार गांव में केडीए की जमीन पर।
- महाराजपुर के रूमा में जीटी रोड के किनारे परिषदीय स्कूल से लेकर खोजऊपुर गांव के दोनों तरफ केडीए की जमीन पर।
- बिधनू में पीपरगवां, जरकला, बघारा, कुरियां, बुघेड़ा, तिरमा में ग्राम समाज की जमीन पर।
- महाराजपुर में कुढ़गांव, नारायणपुर, रहनस, छतमरा, गौरिया, डोमनपुर, बगहा, सिकठिया, पुरवामीर, महुवा में ग्राम समाज की जमीन पर।
- नर्वल में बेहटा, पाली, खुजऊली, सिमरुआ, ककराली आदि गांवों में ग्राम पंचायत की जमीन पर। इसके अलावा बिठूर और चौबेपुर में भी ग्राम समाज की जमीन पर खनन माफिया सक्रिय हैं।