फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: ढहाए जा सकते बृज किशोरी वाटिका के अवैध निर्माण

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। शासन की ओर से गठित कमेटी अखिलेश दुबे से जुड़ी बृज किशोरी वाटिका आवंटन मामले की जांच रिपोर्ट पांच दिसंबर को हाईकोर्ट में प्रस्तुत करेगी। शुरुआती जांच में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बुलडोजर चलवाकर पार्क के अवैध कब्जों को ढहाया जा सकता है।
विज्ञापन


साकेतनगर में पार्क के आसपास बने भूखंडों, पार्क में बने स्कूल के बास्केटबाॅल कोर्ट, होम्योपैथिक अस्पताल के मामले में हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद शासन ने दो सदस्यीय हाईलेवल जांच कमेटी गठित की थी। बुधवार को कमेटी के सदस्य आवास आयुक्त बलकार सिंह, विशेष सचिव राजेश राय ने यहां का निरीक्षण कर हकीकत परखी थी।

जांच टीम ने किशोरी वाटिका भूखंड संख्या–559 पर पहुंचकर पाया कि पार्क के लिए आरक्षित 1.1 एकड़ क्षेत्रफल में से मात्र 168 वर्गमीटर ही पार्क के रूप में बचा है। शेष जमीन पर बृज किशोरी दुबे स्कूल का विस्तार, पक्का बास्केटबॉल कोर्ट, दो सत्संग भवन, चार मकान और होम्योपैथिक क्लीनिक के नाम पर स्थायी निर्माण खड़े कर दिए गए थे।
विज्ञापन


टीम ने अधिकारियों कई सवाल पूछे तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया था, इससे मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई। सूत्रों के अनुसार टीम ने माना कि इतने बड़े पैमाने पर कब्जा और निर्माण अधिकारियों की अनुमति या शह के बिना संभव नहीं था। नगर निगम ने कुछ दिन पहले बास्केटबॉल कोर्ट पर ताला लगवाकर उसे बंद कराया था लेकिन बाकी निर्माण अभी जस के तस हैं। हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल होने के बाद बड़े पैमाने पर करवाई शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन



किशोरी वाटिका मामले में अहम बातें

1998 : तत्कालीन चीफ इंजीनियर डीसी त्यागी ने पार्क की जमीन स्कूल को 10 साल के लिए आवंटित की।

आठ जून 2015: अपर नगर आयुक्त ने आवंटन निरस्त किया।

28 अक्तूबर 2016: पार्क को फिर से एक वर्ष के लिए आवंटित किया गया।

बीते कुछ वर्षों में : स्कूल, कोर्ट, सत्संग भवन और मकानों का निर्माण होता चला गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें