वाजिदपुर में अवैध रूप से बांधी गई गंगा को मुक्त कराने के लिए डीएम ने गंगा बैराज और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम बनाई है।
वहीं ‘अमर उजाला’ पढ़ने के बाद आजम खां के जांच के आदेश देने पर गुरुवार को नगर विकास सचिव बंधे की सि्थति देखेंगे। इधर, गंगा को बंधनमुक्त कराने को मां गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान समिति और संतों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
गंगा की निर्मल और अविरल धारा को बांधने वाला वाजिदपुर में बनाया गया अवैध बंधा हटाया जाएगा। इस आशय का आदेश जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बुधवार को जारी कर दिया है। इसके लिए गंगा बैराज और सिंचाई विभाग की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी को अवैध बंधा ढहाकर एक सप्ताह मेें रिपोर्ट देनी है। गंगा की धारा को बांधने का मामला ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था।
वाजिदपुर में गंगा की धारा को बोरियों से बांधा गया। किनारे से बीच तक बालू की बोरी डाली गई, जिससे प्रवाह बाधित हुआ। तमाम गंदगी आकर रुक गई। प्रदूषण भी बढ़ गया। बंधा लगाकर मछलियों का गलत ढंग से शिकार किया जा रहा। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने उठाया, तब जाकर जिला प्रशासन की आंख खुली। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने गंगा बैराज और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता की टीम बनाकर रिपोर्ट मांगी। इस टीम ने बताया कि बंधा 2007 से बना है।
इसकी वजह से पानी का प्रवाह बाधित है। इसको गंभीरता से लेते हुए ही जिलाधिकारी ने बंधा हटाने का आदेश दिया। जिलाधिकारी का कहना है कि गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की कवायद चल रही है। बंधा हटाकर उसकी निर्मल, अविरल धारा बरकरार रखी जाएगी।
संगम की रेती से उठेगा गंगा में बंधा बनाने का मुद्दा
गंगा को बांधने का विरोध इलाहाबाद में संगम की धरती से भी उठेगा। मां गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा है कि कुछ लोगों की वजह से करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट पहुंचाई जा रही है। इसका संत महात्मा विरोध करेंगे।
यदि गंगा में बनाया गया अवैध बंधा तत्काल नहीं हटाया जाता और दोषियों को सजा नहीं दी जाती है तो संगम की रेती से क्रांति का बिगुल बजेगा। उन्होंने बताया कि वृहस्पतिवार को माघ मेले में संतों की एक बैठक कर इस मसले को उठाया जाएगा।
नगर विकास सचिव आज जांच करेंगे
कानपुर। गंगा में बंधा बनाने के मामले में बुधवार को नगर विकास मंत्री आजम खां का आदेश जांच अधिकारी बनाए गए नगर विकास विभाग के सचिव के पास पहुंच गया। 4 फरवरी से इस मामले की जांच कराई जाएगी।
‘अमर उजाला’ ने 1 फरवरी को माई सिटी में ‘साहबों को साधा, गंगा को बांधा’ शीर्षक से छपी खबर प्रकाशित की। उसी दिन यहां एनआरआई सिटी में एक विवाह में आए नगर विकास मंत्री आजम खां ने यह समाचार पढ़ते ही इसे बहुत गंभीर मामला बताया। वह अखबार अपने साथ ले गए।
उन्होंने नगर विकास विभाग के सचिव को आदेश दिया कि वे इस मामले से संबंधित सभी विभागों से परामर्श कर जांच करें। नगर विकास मंत्री ने बताया कि 15 दिन में जांच आख्या मांगी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वे अखबार अपने साथ लखनऊ ले गए थे।
नगर विकास विभाग के सचिव एसपी सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि बुधवार को उन्हें जांच आदेश मिल गया है। 4 फरवरी को वे सिंचाई सहित अन्य संबंधित विभागों को पत्र लिखकर जवाब मांगेंगे। पूरी रिपोर्ट नगर विकास मंत्री को सौंपी जाएगी।
सबकी है गंगा माई
वाजिदपुर में अवैध रूप से बांधी गई गंगा को मुक्त कराने के लिए बुधवार को सर्व धर्म के लोगों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां गंगा की रक्षा के लिए ‘हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, सबकी है गंगा माई’ का नारा बुलंद किया गया।
इस अभियान की अगुवाई कर रहे मां गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान समिति के राष्ट्रीय संयोजक पं. राम जी त्रिपाठी ने अमावस्या (8 फरवरी) के पहले बांध हटवाने की मांग की है। कहा है कि मांग पूरी नहीं हुई तो प्रयाग (इलाहाबाद) में अमावस्या वाले दिन से साधु, संतों और गंगा प्रहरियों के साथ धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब गंगा में नहाना तो दूर आचमन के लायक भी नहीं है। वाजिदपुर बालू घाट में मछली पकड़ने और बालू खनन के लिए अवैध रूप से गंगा में बांध बनाया गया है।
मंगलवार को इस्टीमेट कमेटी से भी शिकायत की गई। अब सर्व धर्म के लोगों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया है। लोगों ने ‘हमको गंदा नाला नहीं चाहिए, हमको गंगा जल चाहिए’ और ‘गंगा मैया करे पुकार, उमा कब होगा उद्धार’ आदि नारे भी लगाए।