आईआईटी में रोबोट तैयार करते छात्र (फाइल फोटो)
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आईआईटीयंस रोबोट में इंसानी भावनाएं जगाने का काम करेंगे। आईआईटी में जल्द ही कॉग्नेटिव साइंस (संज्ञानात्मक विज्ञान) विभाग की शुरुआत होगी। विभाग की मंजूरी ई-सीनेट के बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने भी दे दी है। इसमें छात्र बीटेक, एमटेक और पीएचडी भी कर सकेंगे।
अभी तक रोबोट केवल दूसरे कमांड पर काम करते हैं। मसलन जो डाटा फीड किया जाता है, उसका पालन करते हैं। उनमें सोचने-समझने की क्षमता नहीं होती। रोबोट में इसी क्षमता को आईआईटीयंस विकसित करेंगे। कॉग्नेटिव साइंस के विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रो. बिशाख भट्टाचार्या को दी गई है।
विभाग में कई अन्य विभागों की फैकल्टी संयुक्त रूप से काम करेगी। प्रो. भट्टाचार्या ने बताया कि विभाग में कंप्यूटर वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यूरो साइंटिस्ट, भाषाविद्, दर्शन शास्त्र के प्रोफेसर शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कॉग्नेटिव साइंस मन का अध्ययन करता है।
मसलन सोते समय शरीर विभिन्न क्रियाएं करता है पर मनुष्य को कुछ याद नहीं रहता। इस पर भी छात्र शोध करेंगे। इसके अलावा कंप्यूटर में इमोशनल कोडिंग पर काम किया जाएगा। रोबोट में मनुष्यों की तरह सोचने, समझने और भावुक होने जैसी प्रोग्रामिंग की जाएगी।