सर्जरी विभाग की मॉड्यूलर ओटी में मौजूद टीम
- फोटो : amar ujala
कानपुर में हैलट के सर्जरी विभाग की मॉड्यूलर ओटी में आईआईटी की टीम ने स्टेम सेल थैरेपी देने की प्रक्रिया देखी। साथ ही रोगियों का पूरा ब्योरा लिया। मंगलवार को रीढ़ की चोट के तीन रोगियों को स्टेम सेल की दूसरी खुराक दी गई। थैरेपी की पहली खुराक लेने के छह महीने के बाद रोगियों की स्थिति में आए बदलाव की भी जानकारी ली। रीढ़ की चोट के बाद पक्षाघात (पैरालिसिस) की स्थिति झेल रहे रोगियों के शरीर में हरकत आने लगी है।
थैरेपी के विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत ने बताया कि 10 रोगियों ने स्टेम सेल ओपीडी में अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के रिजनरेटिव मेडिसिन विभाग की टीम को प्राचार्य डॉ. संजय काला की अगुवाई में आईआईटी के बॉयो इंजीनियरिंग विभाग जाना था। सचिव चिकित्सा शिक्षा के निरीक्षण से कार्यक्रम टल गया। इस पर आईआईटी की टीम ने हैलट आकर पूरी प्रक्रिया देखी। आईआईटी की टीम में डॉ. एकता, डॉ. चूर्णामणि रहीं।