आईआईटी की रिसर्च और तकनीक को ग्लोबल मार्केट दिलाने के लिए जल्द ही आईआईटी और कर्नाटक स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (कियोनिक्स) के बीच एमओयू साइन होगा।
इसके तहत आईटी हब बंगलूरू में एक इनोवेशन सेंटर बनाया जाएगा। सेंटर में साइबर सिक्योरिटी सिस्टम, आईआईटी की रिसर्च, तकनीकी और उत्पादों का सेटअप लगाया जाएगा।
यहां से देशी और विदेशी कंपनियों में उत्पादों की मार्केटिंग की जाएगी। एमओयू के तहत समय-समय पर कियोनिक्स और आईआईटी अपनी-अपनी तकनीक, मैन पॉवर को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार आदान प्रदान करेंगी।
आईआईटी के निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने मंगलवार को आईआईटी में बुलाई गई प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमओयू को अंतिम रूप देकर 31 जनवरी तक साइन कर लिया जाएगा। मार्च तक इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।
कियोनिक्स के चेयरमैन यूबी वेंकटेश ने बताया कि समझौते से संस्थान में यूजी, पीजी और पीएचडी के स्टूडेंटों को रिसर्च के लिए अनुदान और पीजी स्टूडेंटों को रिसर्च फेलोशिप भी दी जाएगी।
इसके अलावा जॉब के अवसर, कर्मचारियों को एडवांस ट्रेनिंग, लेक्चर, सेंटर फॉर फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रानिक्स में भागीदारी, किसानों और एग्रोबायोटिक कंपनियों का आईआईटी से सीधे संवाद, शहर की इंडस्ट्री को नए अवसर उपलब्ध कराएंगे। आईआईटी में बनाए जा रहे साइंस एंड टेक्नोलॉजी ईको पार्क, लखनऊ में नॉलेज सेंटर फॉर ट्रेनिंग की स्थापना में भी मदद करेंगे।
कियोनिक्स की टीम ने आईआईटी में सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन और प्लेन की सहायता से शहर का स्ट्रक्चर परखा और डाटा भी एकत्र किया। वार्ता में कियोनिक्स के प्रबंध निदेशक राजकुमार श्रीवास्तव, डॉ. अमलेंदु चंद्रा और डॉ. समीर खांडेकर भी मौजूद रहे।
यह है कियोनिक्स
कर्नाटक स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (कियोनिक्स) कर्नाटक सरकार का ही एक उपक्रम है। इसकी स्थापना 1976 में इलेक्ट्रानिक्स से संबंधित उद्योगों को आगे बढ़ाने, कर्नाटक राज्य में आईटी इंडस्ट्रीज के लिए उच्च स्तरीय संरचना उपलब्ध कराने, जनसामान्य में आईटी शिक्षा का विस्तार करने और ई-गवर्नेंस के लिए अत्याधुनिक उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए की गई थी।