व्हॉट्सएप चैट में कई निजी तस्वीरें
छात्रा ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने जांच के दौरान उसका लैपटॉप, मोबाइल लेकर उसके बयान दर्ज कर लिए, लेकिन एसीपी के बयान दर्ज नहीं किए। आरोप लगाया कि पुलिस उसकी मदद कर रही है। इसीलिए उसका मोबाइल भी जांच के लिए जमा नहीं कराया गया है, जबकि एसीपी के पास व्हॉट्सएप चैट में कई निजी तस्वीरें हैं। इसका एसीपी मोहसिन दुरुपयोग कर सकता है।
एसीपी पर कार्रवाई का दबाव बना हुआ था
उधर, एसीपी ने अपने परिचितों के जरिये पहले छात्रा पर समझौते का दबाव बनाया। फिर सोशल मीडिया पर अपने परिचितों से पोस्ट कराकर बदनाम कराने की कोशिश की तो छात्रा ने एक और एफआईआर करा दी। इसी के बाद से पुलिस पर आरोपी एसीपी पर कार्रवाई का दबाव बना हुआ था। एसआईटी में शामिल अफसरों ने मोहसिन के बयान दर्ज होने और मोबाइल जांच के लिए लेने की पुष्टि की है।