छात्रा बात कम कर रही है और रो ज्यादा रही है
फुटेज में एसीपी मोहसिन खान पीएचडी छात्रा संग दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही उन जगहों का निरीक्षण भी किया, जहां-जहां मोहसिन खान पीएचडी छात्रा के साथ दिखाई दे रहे थे। एसआईटी में शामिल एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह ने पीएचडी छात्रा से पूछताछ कर उसके बयान दर्ज किए। पुलिस सूत्रों की माने तो अवसाद की वजह से छात्रा बात कम कर रही है और रो ज्यादा रही है, जिसकी वजह से पूछताछ हो नहीं पाई।
छात्रा बोली- एसीपी को सजा दिलाकर रहूंगी, मेरे पास बातचीत की है रिकॉर्डिंग
पीएचडी छात्रा ने बताया कि एसीपी मोहसिन से जब मैं मिली तो ब्रेकअप के दौर से गुजर रही थी। इसके चलते उस पर भरोसा कर लिया। उसने कहा था कि पत्नी को तलाक देकर तुमसे निकाह करूंगा। 27 नवंबर को मोहसिन पिता बना, तब जाकर सच्चाई सामने आई। मैं उसे सजा दिलाकर रहूंगी। अब चाहे मेरा सब कुछ बर्बाद हो जाए। मेरे पास एसीपी से बातचीत के सैकड़ों ऑडियो-वीडियो हैं। जो केस में मोहसिन को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त होंगे। उसे हॉस्टल में स्टाफ की निगरानी में रखा गया है।
पांच दिन पहले छात्रा ने की थी शिकायत
सूत्रों के मुताबिक, एसीपी मोहसिन के खिलाफ छात्रा ने पांच दिन पहले आईआईटी प्रशासन से शिकायत की थी। आईआईटी प्रशासन ने मामले की इंटरनल जांच कराई, फिर पुलिस कमिश्नर को इसकी जानकारी दी। मामला अफसरों तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई। मामले की जांच के दौरान एसीपी मोहसिन ने रिसर्च स्कॉलर को मैनेज कर लिया।
आरोपी बोला-साइको है लड़की
उसकी हर बात मानने को राजी हो गया। पुलिस, मोहसिन को क्लीनचिट देने की तैयारी में थी। इस दौरान डायरेक्टर से बातचीत के दौरान एसीपी ने कहा कि लड़की साइको है। मेरे ऊपर झूठे आरोप लगा रही है। यह बात छात्रा को पता चली तो बात बिगड़ गई।
एसीपी के खिलाफ कल्याणपुर थाने में केस दर्ज
पीड़ित छात्रा का कहना था कि मुझे प्रतिमाह एक लाख रुपये स्कालशिप मिलती है। वहीं डेढ़ करोड़ का प्रोजेक्ट कर रही हूं और मोहसिन मुझे साइको कह रहा है। इस बात पर अड़ गई कि अब एसीपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगी। इसके बाद पीड़िता छात्रा ने गुरुवार को एसीपी के खिलाफ कल्याणपुर थाने में केस दर्ज कराया, जिसमें उसने शादी का झांसा देकर एसीपी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
साजिश के एंगल पर भी काम करेगी पुलिस
एसीपी और छात्रा का धर्म अलग होने की वजह से पुलिस साजिश के एंगल पर भी काम करेगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच को एसीपी मोहसिन प्रभावित न कर पाएं, इसलिए आरोपी को लखनऊ मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है।
जितनी गलती की है उतनी सजा, उससे ज्यादा भी न मिले
पीड़िता ने कहा कि जितनी गलती मोहसिन ने की है, उसे उतनी ही सजा मिले। उससे ज्यादा भी न मिले। कोर्ट पर पूरा भरोसा है। उनका जो भी फैसला होगा वह मंजूर होगा। बस एक बार लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहती हूं ताकि पता चले कि जितने समय साथ थे, उस दौरान उन्होंने क्या वाकई मुझसे झूठ बोला है।
पीएचडी में लिखाया आईपीएस, हैं पीपीएस
पीड़िता ने कहा कि पीएचडी में फार्म भरने के दौरान उन्होंने खुद को आईपीएस शो किया, लेकिन अब पता चल रहाहै कि वह पीपीएस अधिकारी है। यहां पर भी उन्होंने झूठ बोला। मोहसिन मुझे अच्छे से जानता है कि न कभी मैं झूठ बोलती और न ही किसी से डरती। उनके आने से पहले मैं कई पुलिस ऑफिसर के साथ काम भी कर रही थी। फिर उन्होंने इतना बडृा गेम खेला।