डिजिटलाइज्ड होगी आईआईटी की लाइब्रेरी, ये भी की गयी व्यवस्था
Mon, 06 Aug 2018 06:00 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
सार
- किताबों में की जाएगी आरएफआईडी टैगिंग
- बगैर कोडिंग कराए बाहर नहीं ले जा पाएंगे किताब
- इंस्टीट्यूट प्रशासन ने लिया फैसला, बढ़ाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
आईआईटी कानपुर की पीके केलकर लाइब्रेरी अब डिजिटलाइज्ड की जाएगी। मतलब तकनीक के सहारे ही किताबों का वितरण किया जाएगा और वापसी की प्रक्रिया भी तकनीक पर ही आधारित होगी। इसके लिए सभी किताबों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) की टैगिंग की जाएगी।
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डेमो पिक
आवंटन के दौरान किताब के कोड को कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। अगर कोई छात्र बगैर कंप्यूटर में फीड कराए किताब ले जाने की कोशिश करेगा तो गेट के पास लगी सिक्योरिटी मशीन बीप की आवाज करने लगेगी। यह बदलाव इसी सत्र से लागू करने की योजना है। इसके लिए आईआईटी प्रशासन ने लाइब्रेरियन को निर्देश दिए हैं।
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डेमो पिक
इसके अलावा लाइब्रेरी परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि हर किसी पर निगरानी की जा सके। बता दें कि करीब 90 लाख रुपये की किताबें आईआईटी लाइब्रेरी से गायब हो गई थीं। इस मामले में अभी तक जांच चल रही है।
बैग के साथ नहीं मिलेगा प्रवेश
लाइब्रेरी में प्रवेश के लिए भी नए नियम बना दिए गए हैं। इसके तहत अब छात्र अपने साथ बैग लेकर अंदर प्रवेश नहीं कर पाएगा। अभी तक छात्र बैग चेक कराने के बाद अंदर ले जा सकते थे।
लैपटॉप का भी बैग लाइब्रेरी में नहीं ले जा सकते हैं। इंस्टीट्यूट प्रशासन ने फैसला लिया है कि लाइब्रेरी से एक साथ कई छात्रों को जाने की अनुमति नहीं रहेगी। एक-एक करके ही छात्र बाहर निकल सकेंगे।