सुनामी जैसे बड़े खतरे के आने से पहले ही आईआईटी अलर्ट कर देगा। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक डॉ. जावेद मलिक ने शोध कर डाटा रिपोर्ट तैयार की है। इससे सुनामी से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं। डॉ. जावेद भारत सरकार के अर्थ साइंस मंत्रालय के साथ काम कर रहे हैं।
आईआईटी के वैज्ञानिक प्रो. जावेद मलिक और उनकी टीम ने पिछले 8000 वर्षों के सुनामी रिकॉर्ड और बड़े भूकंप के पुनरावृत्ति को देखते हुए शोध किया है। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर 2004 को सुमात्रा-अंडमान में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया और एक विशाल सुनामी आई, जिसने 2.5 लाख लोगों की जान ले ली।