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IIT Kanpur: अक्तूबर में शुरू हो सकता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, विदेशी डॉक्टर करेंगे इलाज, मिलेंगी ये सुविधाएं

Thu, 16 Apr 2026 12:12 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आईआईटी कानपुर में 550 बेड का यदुपति सिंहानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अक्टूबर से शुरू होगा, जहां विदेशों के विशेषज्ञ गंभीर बीमारियों का इलाज और शोध करेंगे।
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आईआईटी कानपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब लोगों को दूरदराज के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आईआईटी कानपुर में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के तहत बनने वाले यदुपति सिंहानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को अक्तूबर में शुरू करने की तैयारी है। अस्पताल में जटिल बीमारियों के इलाज के साथ गंभीर बीमारियों पर शोध कार्य भी होंगे।

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अस्पताल बनने के बाद चिकित्सा के पीएचडी और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों की पढ़ाई भी शुरू होगी। अस्पताल में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज मिलेगा। 550 बेड का यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी के तहत संचालित होगा। पूर्व छात्रों की मदद से 30 एकड़ में गंगवाल स्कूल की स्थापना की गई है।

विदेशी विशेषज्ञ भी विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में जुड़े हैं
100 करोड़ की सर्वाधिक मदद करने वाले आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और इंडिगो के को-फाउंडर राकेश गंगवाल के नाम पर स्कूल का नाम रखा गया है। वहीं, पूर्व छात्र यदुपति सिंहानिया के परिवार ने भी स्कूल के तहत बनने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 60 करोड़ रुपये की मदद की है। इस स्कूल में देशभर के प्रमुख विशेषज्ञों के अलावा यूएसए, जर्मनी, यूके समेत कई देशों के विशेषज्ञ भी विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में जुड़े हैं।

पीएचडी और पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई शुरू होगी
इसके अलावा आईआईटी में 50 बेड का कैंसर केयर एंड रिसर्च का विशेष सेंटर बनेगा जिसमें कैंसर से जुड़े मरीजों का इलाज होगा। मेडिकल कॉलेज में पहले चरण में पीएचडी और पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई शुरू होगी, इसके बाद एमबीबीएस कराने की तैयारी है। अस्पताल में सामान्य ओपीडी नहीं बल्कि कार्डियोवैस्कुलर थोरेसिस सर्जरी, गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी सर्जरी भी होगी।

इन कार्यक्रमों को किया जाएगा शामिल
दूसरे चरण में अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 1000 बेड किया जाना है। क्लीनिकल विभागों, केंद्रों, अनुसंधान क्षेत्रों में विस्तार, पैरामेडिकल विषयों, वैकल्पिक चिकित्सा, अस्पताल प्रबंधन, स्पोर्ट्स मेडिसन और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। दूसरे चरण को सात-10 वर्षों की अवधि में पूरा करने की योजना है।
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संस्थान में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी में बन रहे सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल को अक्तूबर में शुरू करने की तैयारी है। इसमें सिर्फ इलाज और रिसर्च का काम होगा। दूसरे चरण में परास्नातक और स्नातक की पढ़ाई होगी।  -प्रो. बृजभूषण, उपनिदेशक, आईआईटी
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