आईआईटी कानपुर में फेलोशिप की धनराशि बढ़ाने के लिए आईआईटीयंस ने देशव्यापी आंदोलन शुरू कर दी है। एमटेक, एमफिल, एमडेस, जेआरएफ, एसआरएफ जैसी तमाम फेलोशिप की धनराशि बढ़ाने के लिए आईआईटीयंस ने देशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। छात्रों के इस आंदोलन को देश के कोने-कोने से बड़े पैमाने पर छात्रों का समर्थन मिला है।
देश की हर आईआईटी, एनआईटी, एम्स सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान के जरिए आईआईटीयंस के इस अभियान को समर्थन दिया है। आईआईटी कानपुर के एमटेक और पीएचडी के करीब सात सौ छात्रों ने पिछले दो दिनों में हस्ताक्षर अभियान में शिरकत की। शोधार्थियों के इस बड़े देशव्यापी आंदोलन से केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
छात्रों ने शनिवार को इस बाबत भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. विजय राघवन से मुलाकात कर मांगे उनके सामने रखी। छात्रों के मुताबिक प्रो. राघवन ने आश्वासन दिया है कि अगले एक माह के अंदर छात्रों की मांगे पूरी हो जाएंगी। हालांकि धनराशि कितनी बढ़ाई जाएगी, अभी इसका कोई जिक्र नहीं किया।
छात्र इतनी चाहते हैं फेलोशिप
कोर्स मौजूदा फेलोशिप प्रस्तावित फेलोशिप
एमटेक, एमडेस, एमफिल 12400 23500
जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) 25000 45000
सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) 28000 52000
रिसर्च असिस्टेंट 36000 65000
सोशल मीडिया से खड़ा किया आंदोलन
दरअसल छात्रों की यह मांग पिछले साल से ही उठ रही थी, लेकिन सरकार स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस साल छात्रों ने फेसबुक और ट्वीटर के जरिए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी), डिपार्टमेंट और बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी), मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) सहित अन्य तमाम विभागों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने फेसबुक पर ‘हाईक इन रिसर्च फेलोशिप 2018’ नाम से ग्रुप बनाया, इसमें 31 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं जुड़ चुके हैं।
ट्विटर पर प्रो. राघवन को देनी पड़ी सफाई
सोशल मीडिया पर लगातार चले इस अभियान में भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. विजय के राघवन को खुद सफाई देने के लिए ट्वीट करना पड़ा। उन्होंने ट्वीट करके छात्रों को बताया कि फेलोशिप की धनराशि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दिसंबर तक इसका एलान भी कर दिया जाएगा।