गुरमेहर को लेकर सोशल मीडिया गरम है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक डॉ. वांशी शर्मा ने राष्ट्रवाद और गुरमेहर के बयान पर अपनी राय दी है। उन्होंने गुरमेहर के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इसे अभिव्यक्ति की आजादी नहीं माना है। उन्होंने कहा कि यह देश ही नहीं, बल्कि शहीदों का भी अपमान है।
डॉ. शर्मा ने यू टयूब पर अपलोड अपने वीडियो में गुरमेहर के उस वीडियो का जिक्र किया है, जिसमें उसने बोला कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, युद्द ने मारा है। गुरमेहर अभिव्यक्ति की आजादी की बात कर रही है, लेकिन यह शहीदों का अपमान है क्योंकि विश्वविद्यालयों में भारत तेरे टुकड़े होंगे, ईंशा अल्लाह का नारा देने वाले भारतीय नहीं हो सकते। हम भारतीय हैं और भारत का विकास चाहते हैं। ऐसे नारों के माध्यम से अभिव्यक्ति की आजादी की बात करने वाले देशभक्त तो नहीं हो सकते। गुरमेहर से उन्होंने अपने सवालों के जवाब भी मांगे हैं। क्या हम अपने घर में जाकर अपनी मां के खिलाफ बोल सकते हैं। शायद नहीं, इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर शहीदों व भारत माता का अपमान नहीं कर सकता।
उधर, गुरमेहर कौर की फिल्म मेकर राम सुब्रमण्यन के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं। राम वॉयस ऑफ राम फेसबुक पेज के फाउंडर हैं। इसी पेज पर गुरमेहर कौर का साल 2016 का वह वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें वह भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की मांग कर रही हैं। अरविंद केजरीवाल के साथ राम सुब्रमण्यन दिल्ली चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के वॉलियंटर भी रह चुके हैं। बता दें कि मंगलवार को राम ने गुरमेहर कौर के समर्थन में अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के कैप्शन में राम ने लिखा है, कि आप अकेली नहीं हैं गुरमेहर कौर। मैं आपके साथ हूं। दिल्ली के छात्र आपके साथ हैं। दिल्ली के लोग आपके साथ हैं।’