लक्जमबर्ग के राजदूत जीन क्लाउडे कूजेनर, प्रो. अभय करंदीकर व अन्य
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर और लक्जमबर्ग यूनिवर्सिटी, यूरोप के बीच 2016 में हुए समझौते को आगे भी जारी रखा जाएगा। गुरुवार को भारत में लक्जमबर्ग के राजदूत जीन क्लाउडे कूजेनर आईआईटी पहुंचे। उन्होंने निदेशक प्रो. अभय करंदीकर से समझौते को लेकर बातचीत की। तय हुआ कि शोध के क्षेत्र में नए सिरे से दोनों संस्थान मिलकर काम करेंगे।
जीन क्लाउडे कूजेनर ने संस्थान के विभिन्न विभागों की जानकारियां हासिल कीं और सुविधाओं को देख गदगद दिखे। कहा कि आईआईटी में शोध और इनोवेशन के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हो रहे हैं। क्लाउडे ने बताया कि लक्जमबर्ग यूनिवर्सिटी ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की शुरुआत की है और इस कड़ी में आईआईटी भी साथ होगा। डीन रिसर्च प्रो. एस गणेश और डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. योगेश एम जोशी मौजूद रहे।