कानपुर। स्टेम सेल थैरेपी के क्षेत्र में आने के लिए आईआईटी भी तैयारी कर रहा है। इस संबंध में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का रिजनरेटिव मेडिसिन विभाग और आईआईटी मिलकर काम करेंगे। विभाग के विजिटिंग प्रोफेसर और स्टेम सेल थैरेपी के विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत मंगलवार को इंस्टीट्यूट जाकर बाॅयो मेडिकल इंजीनियरिंग एंड बाॅयो साइंसेस विभाग की लैब देखेंगे।
डॉ. राजपूत ने बताया कि आईआईटी ग्रेथिम पदार्थ से स्टेम सेल पैक बनाने का प्रोजेक्ट बना रहा है। इस पैक से रीढ़ की चोट में स्टेम सेल थैरेपी देने में मदद मिलेगी। आईआईटी के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से काम शुरू करने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला के साथ पिछले दिनों बैठकें की हैं। इसके अलावा रोगियों की वसा के सैंपल भी अस्पताल से लिए हैं। सैंपल का लैब में कल्चर किया जाएगा। डॉ. राजपूत ने बताया कि पैक बनाने के लिए ग्रेटीन मेटेरियल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें स्टेम सेल भरकर थैरेपी में इस्तेमाल की जा सकती हैं। पहले स्टेम सेल पैक का क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद इलाज का दायरा बढ़ेगा।