आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल
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तकनीक में हर तीसरे दिन बदलाव हो रहे हैं। इस रेस को जीतना है तो हर दिन अपडेट रहने की जरूरत है। भविष्य में तकनीक पर ही सब कुछ निर्भर है। आने वाले समय में इंसानों के बीच युद्ध नहीं होगा। ड्रोन आर्मी तैयार होगी जो युद्ध लड़ेगी। इसके लिए हमें भी तैयार रहना होगा। यह बातें डाॅ. गौर हरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च की ओर से आयोजित यदुपति सिंहानिया स्मृति व्याख्यान में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहीं।
उन्होंने भविष्य के लिए चुनौती बन रही तकनीक की जानकारी दी। बताया कि एआई ने हमारी दुनिया को बदल दिया है। डीपसीक एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। इसके अलावा मेडटेक, एग्रीटेक में भी बदलाव आ रहा है। इसके अलावा क्वांटम कंप्यूटिंग बड़े चैलेंज के रूप में उभर रहा है। इन सभी क्षेत्रों में नित नए परिवर्तन हो रहे हैं, जिसके लिए हमें भी तैयार रहना होगा। वहीं, कार्यक्रम का शुभारंभ जेके सीमेंट के अध्यक्ष सुशीला सिंहानिया, आईआईटी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, सीएमसी वेल्लोर की प्रोफेसर डॉ. प्रिया अब्राहम, डॉ. गौर हरि सिंहानिया के अध्यक्ष अभिषेक सिंहानिया, एसपीएसईसी की उपाध्यक्ष वर्षा सिंहानिया, जेके इंटरप्राइजेज के एमडी पार्थो पी कर ने किया। इस मौके पर यदुपति सिंहानिया-सीमेंटिंग हिस्ट्री संग्रह पुस्तक का विमोचन किया गया। इसमें यदुपति सिंहानिया के जीवन, उपलब्धियों और विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। कार्यक्रम में अभिषेक सिंहानिया ने कहा कि यदुपति सिंहानिया स्मृति व्याख्यान हर साल आयोजित किया जाएगा। इसमें विज्ञान, तकनीक और कला से जुड़े विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निदेशक डॉ. राहुल गोयल, एके सराओगी सहित अन्य मौजूद रहे।