‘सांत्वना और प्यार से भरा आपका एक बोल मुसीबत से परेशान व्यक्ति के लिए हेल्थ टॉनिक साबित हो सकता है। आप कम से कम एक बार अपना माइंड सेट तोड़ कर तो देखिए।
पीड़ित के दर्द को महसूस कीजिए। रास्ते में तड़प रहे घायल, लुटे पीटे इंसान और थाने में शिकायत लेकर आए पीड़ित के दोस्त बन कर ड्यूटी निभाइये। फिर देखिए आपके प्रति व्यवहार और जनता का नजरिया कैसे बदलता है।’
यह कोई लेक्चर नहीं बल्कि गुरुवार से आईजी दफ्तर में लगने वाली क्लास का सिलेबस है। इसी पाठ्यक्रम के आधार पर आईजी मातहतों को संवेदना और प्रोफेशनलिज्म का पाठ पढ़ाएंगे।
आईजी ने बताया कि यह व्यवस्था पुलिस और पब्लिक के बीच बढ़ती दूरियों को खत्म करने के एिल शुरू की जा रही है। इसमें जोन से एक सीओ, दो एसओ, 10 इंस्पेक्टर और 10 सिपाहियों को रोजाना बुलाया जाएगा।
सभी को पब्लिक की संवेदना समझने, पीड़ित से अच्छा बर्ताव करने, आत्मीयता से बात करने, वादी व प्रतिवादी के परिजनों से सही बर्ताव करने, चोरी, लूट, रेप, धमकी, अपहरण, चेन स्नैचिंग और मर्डर जैसी घटनाओं में संवेदनशीलता बरतने का पाठ पढ़ाया जाएगा।
आईजी ने बताया कि थानों को सूचित कर दिया गया है। पहला सेशन गुुरुवार को दोपहर 12:30 बजे लगेगा।