पालीथिन के बाद अब खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में लपेटकर नहीं बेचा जा सकेगा। मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा की दृष्टि से अखबारी कागज या लिफाफे में खाद्य पदार्थों के लपेटने, भंडार करने और वितरित करने पर बैन लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस प्रतिबंध को लागे कराने के लिए सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र जारी किए हैं। अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों को लपेटने, भंडार करने व वितरित करने पर पांच लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
अखबारों की छपाई में प्रयोग होने वाली स्याही में लेड (शीशा) होता है जो स्वास्थ्य के ललए घातक है। खाद्य सुरक्षा मानक अधिकरण दिल्ली ने हाल ही में इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया है कि खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में लपेट दिया जाता है। जिससे इनकी छपाई में प्रयोग होने वाली स्याही के अंश उस खाद्य पदार्थ में पहुंच जाते हैं। जो व्यक्ति इसका प्रयोग करता है तो वह उसके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के अपर आयुक्त प्रशासन रामअर्ज मौर्य ने इस संबंध में पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों को लपेटना, भंडारित करना और वितरित करना प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिला अभिहित अधिकारी डा. सुधीर सिंह ने बताया कि शासन से जारी निर्देशों के अनुपालन के लिए जल्द ही टीमें गठित कर छापेमारी की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
घर-घर होता है अखबारी कागज का प्रयोग
उन्नाव। अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों के लपेटने का दायरा सिर्फ व्यवसायिक स्तर पर ही सीमित नहीं है घरों में भी बहुतायत खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए अखबारी कागज का ही प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा फलों और सब्जियों को भी सुरक्षित रखने के लिए अखबारी कागज ही प्रयोग होता है। ऐसे हालातों में यह प्रतिबंध कहां तक सफल हो जाएगा यह देखनी वाली बात होगी।