योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश आनंद ने कानपुर में रविवार को बताया कि वृद्धावस्था में आग में पका भोजन जितना कम खाएंगे, उतने स्वस्थ रहेंगे। भोजन पचाने के लिए रोज 4-5 किलोमीटर पैदल चलें या आधा घंटा योगासन, प्राणायाम करें।
यदि कभी बीमार पड़ जाएं तो नेती, भ्रस्ती व कुंजर क्रिया से बात, कफ, पित्त को शांत कर लें। इस उम्र में अपनी आयु का कुछ हिस्सा कम से कम दशांश परमार्थ में अवश्य लगाना चाहिए।