इटावा। जिन बच्चों की उम्र पांच साल से अधिक हो गई है, उनके आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त समय में राशन कार्ड के लाभार्थियों की ई केवाईसी का कार्य भी चल रहा है। साथ ही आधार में त्रुटि सही कराने वाले व बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए लोग डाकखाने के चक्कर लगा रहे हैं। सर्दी में लोग आधार कार्ड में संशोधन के लिए सुबह से ही केंद्रों पर एकत्र हो जाते है, लेकिन स्लॉट के बुक न होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है।
शहर के प्रधान डाकघर समेत 15 उपडाकघरों में नए आधार बनवाने के साथ ही उनके संशोधन का काम भी किया जा रहा है। प्रधान डाकघर में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग आधार में संशोधन करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही शहर की कुछ बैंकों में भी आधार संशोधन का काम चल रहा है। सर्दी में लोग सुबह ही टोकन पाने के लिए लाइन में लग जाते हैं, लेकिन कई केंद्रों पर उन्हें यह कहकर टरका दिया जाता है कि आज की संख्या पूरी हो गई है।
प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनवाने और उनमें संशोधन कराने के लिए 17 मार्च 2025 तक के स्लॉट वितरित किए जा चुके हैं। इधर, स्कूलों में बच्चों के आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं। इस वजह से अभिभावक परेशान हो रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन 50 से 60 लोगों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। यहां शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग भी पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड संबंधी काम के लिए लोगों को ढाई महीने बाद तक के स्लॉट दिए जा रहे हैं।
1- शहर के घटिया अजमत अली मोहल्ला निवासी राजेश सक्सेना ने बताया कि बच्चों के स्कूल में आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं। बार-बार स्कूल से फोन पर मेसेज आ रहे हैं, लेकिन यहां आने पर मार्च की तारीख दे दी गई है। ऐसे में स्कूल वालों को समझाना मुश्किल हो रहा है।
2- आधार संशोधन केंद्र पर पहुंचे धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि आधार में संशोधन के लिए प्रधान डाकघर आए थे, लेकिन यहां 17 मार्च तक के स्लाॅट पहले से ही बुक किए जा चुके हैं, ऐसे में किसी दूसरे केंद्र पर जाकर संशोधन करवाना पड़ेगा।
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आधार में संशोधन व नए बनवाने वाले लोगों की अधिक संख्या होने के कारण मार्च तक के स्लॉट बुक किए गए हैं। वहीं, अगर किसी का प्रवेश या अन्य किसी जरूरत के लिए बहुत जरूरी है तो उसका संशोधन करवा दिया जाता है। कर्मचारियों की कमी के कारण भी समस्या आती है, इसके साथ ही कभी-कभी तकनीकि खामियां भी परेशान करती हैं। चंद्रशेखर, अधीक्षक प्रधान डाकघर