बैठक में व्यापारियों आैर कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन में हुई नोकझोंक।
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कानपुर। हम देखेंगे, हम देखेंगे, हम देखेंगे, लाजिम है कि हम भी देखेंगे, वो दिन के जिसका वादा है... मशहूर शायर फैज अहमद फैज की इस क्रांतिकारी गजल को व्यापारी भी गुनगुना रहे हैं। देखना चाह रहे हैं कि कमिश्नर साहब के वादे कब पूरे होंगे। बार-बार वादे-आदेश पूरे न होने पर व्यापारी कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन के सामने हत्थे से उखड़ गए। वाणिज्यकर से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में शनिवार को व्यापार बंधु की बैठक में ये हुआ। व्यापारी कमिश्नर से बोले, नाराज मत होइएगा। आप समाधान के लिए आदेश तो करते हैं लेकिन सुनता कोई नहीं। ऐसी बैठकों का क्या मतलब, जिसका कोई असर दिखाई न दे। व्यापारी वाणिज्यकर अफसरों के आतंक से परेशान हैं। सिपाही बिना नेम प्लेट के गाड़ियों को चेक रहे हैं। वाणिज्यकर अफसर वाहन चालकों का मोबाइल छीन लेते हैं। कई दिन तक पता नहीं चलता कि माल लदी गाड़ी कहां है। कोेेेेई लूट रहा है या अपहरण कर ले गया। साहब ये रवैया ठीक नहीं। व्यापारी आंदोलन कर बैठेगा। इस पर कमिश्नर ने उन्हें शांत कराया। एक एक कर समस्या सुनी। उसके निस्तारण के आदेश दिए। कई अहम फैसले भी हुए। इनके लागू न होेने पर लिखकर शिकायत देने को कहा। इस पर व्यापारियों ने उनके एक्शन की प्रशंसा की। बता दें कि 18 जुलाई को होने वाली व्यापार बंधु की बैठक से वाणिज्यकर के आला अफसर नदारद थे। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई थी। अबकी एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुमार द्विवेदी समेत पूरा अमला मौजूद रहा।