अगर आपका बच्चा आपका कहना न मानता हो या फिर उसका मन पढ़ाई में न लगता हो तो तनाव लेने की जरूरत नहीं है। सावन मास का पहला प्रदोष व्रत 9 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन आप देवो के देव महादेव के शिवलिंग पर जल के साथ धतूरा और धतूरे का फूल अर्पित करें, आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
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इस बार सावन मास का शुभारंभ श्रवण नक्षत्र में हुआ है और ये श्रवण नक्षत्र को ही 26 अगस्त को समाप्त होगा। श्रवण नक्षत्र को चंद्रमा का नक्षत्र माना जाता है और भगवान शिव उच्च चंद्रमा धारण किए हुए हैं। ऐसे में पहला प्रदोष व्रत 9 अगस्त को पड़ेगा। इस दिन आर्द्रा/पुनर्वसु नक्षत्र है।
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ऐसे में जो भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे, उनका डिप्रेशन दूर होगा। जिनकी कुंडली पर शनि की ढैया या साढ़े साती चल रही है, वे अगर शिव की पूजा करेंगे तो शनि अपने आप प्रसन्न हो जाएंगे और अपनी कृपा बरसाएंगे।
ऊं नम: शिवाय: का करें जाप
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ऊं नम: शिवाय का करें जाप
पंडित केए दुबे पद्मेश ने बताया कि बच्चों से परेशान दंपत्ति यदि इस दिन व्रत नहीं रह सकते तो सिर्फ पूजा-अर्चना कर लें, आपको वहीं फल मिलेगा। आचार्य सत्येंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि जो मनुष्य साल भर प्रदोष व्रत नहीं कर पाते, वे सावन मास में पड़ने वाले प्रदोष में व्रत कर लें, उन्हें भी उतना ही लाभ मिलेगा जितना सालभर के व्रत से मिलता है।