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Kanpur: स्कूलों ने मनमानी की तो लगेगा पांच लाख का जुर्माना, DM बोले- मान्यता खत्म होने की हो सकती है संस्तुति

Fri, 04 Apr 2025 11:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालय में प्रवेश के समय लिया गया प्रवेश शुल्क छात्र के विद्यालय छोड़ने के समय वापस किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय शैक्षिक सत्र शुरू होने के पूर्व सक्षम अधिकारी को आगामी शैक्षिक वर्ष में ली जाने वाली फीस का विवरण प्रेषित करेगा।
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डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में स्कूलों की मनमानी पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने गुरुवार को आदेश जारी किया कि किसी भी स्कूल ने अभिभावकों को किताबें या यूनिफार्म खरीदने के लिए बाध्य किया तो पांच लाख तक जुर्माने के साथ मान्यता भी रद्द की जा सकती है। हर साल किताबों या यूनिफार्म में बदलाव किया तो भी यही कार्रवाई होगी। यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, सीआईएससीई स्कूलों पर लागू रहेगा।

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डीएम ने उप्र स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश 2018 में विद्यालयों में ली जाने वाली फीस एवं जूते-मोजे, कॉपी-किताब के विषय में दिशानिर्देश फिर से जारी किए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि स्कूल तय यूनिफार्म पांच वर्ष तक नहीं बदल सकते हैं। डीएम ने कहा कि कि जनपदीय शुल्क नियामक समिति में अभिभावक बिना किसी डर के शिकायत करें। स्कूल दोषी पाया जाता है, तो पहली बार में छात्र से ली गई अधिक फीस को वापस करने के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

परीक्षा शुल्क केवल परीक्षाओं के लिए ही लिया जाएगा
दूसरी बार उल्लंघन करने पर छात्र से ली गई अधिक फीस वापस करने के साथ पांच लाख रुपये जुर्माना और तीसरी बार में संबंधित बोर्ड से मान्यता व संबद्धता वापस लेने की संस्तुति कर दी जाएगी। डीएम ने कहा कि प्रवेश शुल्क विद्यालय में प्रथम बार नए प्रवेश के समय ही लिया जाएगा। परीक्षा शुल्क केवल परीक्षाओं के लिए ही लिया जाएगा। विद्यालय की फीस में ही परिवहन फीस, बोर्डिंग फीस, मेस या डाइनिंग फीस व शैक्षिक भ्रमण फीस सम्मिलित होगी।

वेबसाइट पर फीस का विवरण अपलोड करेंगे
उसके लिए अलग से अभिभावकों को परेशान नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालय में प्रवेश के समय लिया गया प्रवेश शुल्क छात्र के विद्यालय छोड़ने के समय वापस किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय शैक्षिक सत्र शुरू होने के पूर्व सक्षम अधिकारी को आगामी शैक्षिक वर्ष में ली जाने वाली फीस का विवरण प्रेषित करेगा। विद्यालय शैक्षिक सत्र में प्रवेश शुरू होने के 60 दिन पूर्व अपनी वेबसाइट पर फीस का विवरण अपलोड करेंगे। इसे सूचना पट पर प्रकाशित करेंगे।
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ऐसे होगी कार्रवाई
  • पहली बार स्कूल के दोषी मिलने पर छात्र से ली गई अधिक फीस को वापस करने के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • दूसरी बार उल्लंघन करने पर छात्र से ली गई अधिक फीस वापस करने के साथ पांच लाख रुपये जुर्माना देना होगा।
  • तीसरी बार में संबंधित बोर्ड से मान्यता व संबद्धता वापस लेने की संस्तुति कर दी जाएगी।
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