मूसानगर। मलासा ब्लॉक के जरसेन में बुधवार रात को कच्चा मकान ढहने से मासूम पलक (7) व लविश (1) की जान चली गई थी। शुक्रवार शाम को कैबिनेट मंत्री राकेश सचान अधिकारियों के साथ परिजन को ढांढस बंधाने व आर्थिक सहायता देने पहुंचे। इस दौरान संगीता बिलख कर बोली मंत्री जी यहां रहूंगी तो अपने दोनों हीरों की याद में फंदा लगा लूंगी, कहीं और घर बनवा दीजिए। कैबिनेट मंत्री ने पीड़िता को दूसरे स्थान पर आवासीय पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया है।
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी शाम चार बजे के करीब जरसेन पहुंचे। यहां उन्होंने मासूम पलक व उसके भाई लविश की मौत से बदहवास घायल पिता श्रीराम, मां संगीता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगी। इसके साथ ही दैवीय आपदा कोष से चार-चार लाख के दो प्रमाण पत्र व घर गिरने की क्षतिपूर्ति का 1.20 लाख रुपये का प्रमाण पत्र श्रीराम व उनकी पत्नी को सौंपा।
कैबिनेट मंत्री ने संगीता से जल्द ही आवास स्वीकृत होने पर पक्की छत दिलवाने का आश्वासन दिया तो वह बिलख कर रोने लगी। बोली कि मंत्री जी इस घर ने मेरे दोनों हीरे छीन लिए, जिन्हें वह बहुत दुलार से पाल रही थी। बाबू जी हम यहां नहीं रहेंगे, कहीं और घर बनवा दो, यहां रहूंगी तो बच्चों की याद में फंदा लगा लूंगी। इसपर कैबिनेट मंत्री ने संगीता से कहीं दूसरे स्थान पर जमीन होने की बात पूछी। संगीता के मना करने पर कैबिनेट मंत्री तुरंत एसडीएम व क्षेत्रीय लेखपाल से चकबंदी में पीड़िता को आवासीय पट्टा दिलवाने के निर्देश दिए। इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जिस आवास को हादसा होने के बाद दिलवाया जा रहा है, यदि उसे पहले ही दिलवा दिया जाता तो मासूमों की जान न जाती।
........................अधिकारियों को दिए सड़क बनवाने के निर्देश जरसेन पहुंचे कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने घटना स्थल पर मौजूद लोगों से बातचीत की। इस दौरान गांव के लोगों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि मोहल्ले के लोगों के घरों के बाहर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गांव में जलनिकासी के लिए बना नाला अधूरा होने के चलते जलभराव होने व सड़क न होने की शिकायत की। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने रास्ते में गांव के एक युवक का खेत आने की बात कही तो ग्रामीणों ने बताया कि खेत मालिक मनोज अपने खेत में सड़क बनाने के लिए छह फीट जमीन देने के लिए तैयार हैं। इस पर कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप भी मौके तक मेरे साथ आएं हैं पीड़ित के घर तक कैसे पहुंचे हैं, यह तो देख ही लिया होगा। जल्द गांव की सड़क बनवाने की प्रक्रिया शुरू करवाई जाए।
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हालिया घाट पर हुआ मासूमों का अंतिम संस्कार
मासूम पलक व लविश के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद हमीरपुर जनपद के इंगोहटा निवासी मासूमों के मामा तुलसीराम बृहस्पतिवार रात को शव लेकर जरसेन पहुंचे। इसके बाद घायल श्रीराम को गांव लाया गया। बच्चों के शव देखकर श्रीराम व संगीता रो-रोकर बेहाल हो गई। दोनों की बेबसी देख कर गांव के प्रत्येक व्यक्ति की आंख नम हो गईं। शुक्रवार सुबह छह बजे परिजन व ग्रामीणों ने नम आंखों से हालिया घाट पर दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
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बयान...........
पीड़ित परिवारों को दैवीय आपदा कोष से चार-चार लाख रुपये व घर गिरने की क्षतिपूर्ति के 1.20 लाख रुपये का प्रमाण पत्र दिया गया है। एक से दो दिन में सहायता धनराशि पीड़ित के बैंक खाता में पहुंच जाएगी। इसके अलावा पीड़ित परिवार को शासन की ओर संचालित लाभकारी योजनाओं का भी पात्रता के हिसाब से लाभ दिलाया जाएगा। - देवेंद्र सिंह, एसडीएम भोगनीपुर