कानपुर। जिले में फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) कराने के लिए प्रशासन एक बार फिर अभियान शुरू करेगा। अब तक 1.73 लाख किसानों का पंजीकरण हो चुका है पर करीब 29 फीसदी किसान अभी भी इससे बाहर हैं। इन किसानों को जोड़ने के लिए सोमवार से 31 मई तक विशेष अभियान चलेगा।
जिले में कुल 2.41 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान योजना के लाभार्थी हैं। इनमें से 1.73 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूरी हुई है जो करीब 71.76 फीसदी है। शेष बचे 68 हजार से अधिक किसानों के लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचेगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पात्र किसानों को 31 मई तक किसान पहचान पत्र से जोड़ने के निर्देश दिए।
इसके लिए पंचायत सहायक, लेखपाल और कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक गांवों में कैंप लगाएंगे। वह मौके पर ही किसान पहचान पत्र बनाएंगे जो किसान पंजीकरण नहीं कराएगा वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो सकता है।
किसान पहचान पत्र को अब सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा गया है। इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि सब्सिडी और किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ सीधे खाते में मिलेगा। बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। बिना किसान पहचान पत्र के अब सरकारी खरीद केंद्रों पर अनाज की बिक्री नहीं हो सकेगी। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और खतौनी की नकल जरूरी है। ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
30 दिन तक गांव-गांव कैंप लगाया जाएगा। इसके लिए छह अप्रैल से अभियान का शुरू होगा जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाई है वह लोग फार्मर रजिस्ट्री कराएं और योजनाओं का लाभ लें। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी