सीएसजेएमयू केे कुलपति प्रो. पाठक ने छात्र हित में एक और फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कॉलेज नकल में लिप्त मिलता है, तो उसके छात्रों का रिजल्ट रोकने के बजाए उन्हें औसत अंकों में पास किया जाएगा। अभी तक अगर कोई कॉलेज नकल में लिप्त पाया जाता था, उसके छात्रों का परिणाम रोक दिया जाता था।
जांच समिति के फैसले के आधार पर रिजल्ट घोषित होता था। हालांकि नकल में लिप्त कॉलेज को एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके अलावा यूएफएम (अनफेयर मींस) कमेटी भी बनी है। इसमेें प्रो. संजय स्वर्णकार, प्रो. एसके अवस्थी, प्रो. नंदलाल, डॉ. बीडी पांडे, डॉ. अवधेश सिंह को भी शामिल किया गया। कमेटी पता करेगी कि नकल एक छात्र ने की है या सामूहिक हुई है।