कानपुर देहात। जिले की शैक्षिक सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग जिले के 129 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने जा रहा है। शासन से मिले निर्देश के बाद कवायद शुरू की गई है। वहीं जिले के 10 ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आईसीटी (इनफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) लैब की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए सामान आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही स्मार्ट क्लास व लैब संचालित की जाएगी।
जिले में 1920 परिषदीय स्कूल है। इसमें से करीब 200 विद्यालय में सीएसआर, कंपोजिट ग्रांट आदि से टीवी, प्रोजेक्टर लगाकर स्मार्ट क्लास का रूप दिया गया है। शिक्षकों ने भले ही मेहनत और लगन से स्मार्ट क्लास बनाए हो मगर कई मूलभूत सुविधाओं की कमी होने के कारण पूर्ण रूप से स्मार्ट क्लास का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा है। अब प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने के लिए जिले के 129 विद्यालयों को स्मार्ट बनाने की योजना में शामिल किया है। इसके तहत चिह्नित किए गए विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाई जाएगी। इसमें अमरौधा ब्लॉक का कस्तूरबा विद्यालय भी शामिल है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों तकनीकी ज्ञान मिल सकेगा। साथ ही स्कूल आने की रुचि बढ़ेगी। विद्यालयों के शिक्षक कई नवाचार से बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दे सकेंगे।
स्मार्ट क्लास में होंगे यह उपकरण
विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट क्लास सेटअप के लिए इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफसी) 75 इंच, वायरलेस कीबोर्ड, माउस, एक केवीए यूपीएस, वाईफाई डेटा कार्ड मॉडम, एचडी वेब कैमरा, डिवाइस मैनेजमेंट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, कक्षा एक से 8 तक का डिजिटल कंटेंट एवं लर्निंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, स्टाइलेस पेन व अन्य एसेसरीज शामिल होगी। इसकी जल्दी ही आपूर्ति शुरू की जाएगी।
आईसीटी लैब के लिए मिलेंगे 50 हजार
जिले के 10 ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आईसीटी लैब बननी है। बीएसए रिद्धि पांडेय ने बताया कि लैब में आवश्यक फर्नीचर (कुर्सी, कंप्यूटर मेज, सीसीटीवी कैमरा आदि क्रय किया जाना है। इसके लिए प्रत्येक लैब के लिए 50-50 हजार रुपये का बजट जारी किया जा रहा है। आईसीटी लैब का प्रयोग बीआरसी कैंपस एवं निकट के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को रोस्टर के अनुसार प्रयोग किया जाएगा।
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ब्लॉक- स्मार्ट क्लास
अकबरपुर- 07
अमरौधा- 13
डेरापुर- 16
झींझक-13
मैथा-22
मलासा-04
राजपुर-06
रसूलाबाद-13
संदलपुर-11
सरवनखेड़ा-24
स्मार्ट क्लास का संचालन होने से परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता का स्तर सुधरेगा। बच्चों को पढ़ने व सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे उनके स्कूल आने के प्रति रुचि बढ़ेगी। जल्द ही चिह्नित किए गए स्कूलों में स्मार्ट क्लास का सेटअप तैयार कर संचालन कराया जाएगा। - रिद्धि पांडेय, बीएसए