कानपुर में लगे खादी महोत्सव की शाम आईएएस डॉ. हरिओम ने अपने सुरों से सजाई
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एक आईएएस अफसर होकर अपने व्यस्त जीवन से कुछ अलग कर पाना बेहद मुश्किल भरा काम है लेकिन हमारे सामने एक नाम ऐसा है जिसने इस व्यस्त जीवन को जीते हुए आज बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बना ली है।
यू ट्यूब पर धूम मचा रहा “कैसी हैं मजबूरियां'' गीत
आईएएस डॉ.हरिओम (फाइल फोटो)
यहां बात हो रही डॉ. हरिओंम की। कानपुर के काकादेव में लगे खादी महोत्सव की शाम बुधवार को इसी आईएएस अफसर ने अपने सुरों से बेहद खूबसूरत अंदाज़ में सजाई। उनके सुरों ने महफ़िल में चार चांद लगा दिए। उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने सिकंदर हूं मगर हारा हुआ हूं... सुनकर लोगों का दिल जीत लिया।
इसके बाद बारी थी इन दिनों यू ट्यूब पर धूम मचाने वाले गाने “कैसी हैं मजबूरियां'' की.. हरिओम ने अपने शायराना अंदाज में जब इस गाने की शुरुआत की तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गानों से हर किसी को झूमने को मजबूर कर दिया।
गीत-गजल के कई एलबम भी इनके नाम
आईएएस डॉ.हरिओम (फाइल फोटो)
डॉ. हरिओम की छवि यूपी के ईमानदार आईएएस अफसर के रूप में है। वे कलाकार भी हैं। गीत-गजल के कई एलबम भी उनके जारी हो चुके हैं। हमेशा शांत रहने वाले शख्स हैं। ऐसे में लोग ट्रांसपर विवाद में उन पर हुए हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं।