आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की भाषा अब कानपुर के कई व्यापारी भी बोल रहे हैं। वर्ग विशेष से जुड़े यह व्यापारी बिल की पर्ची पर संदेश लिखकर अपने मत का प्रचार कर रहे हैं। एक मामला पकड़ में आने पर पुलिस आयुक्त ने जांच शुरू कराई है।
लोकल इंटेलीजेंस यूनिट के माध्यम से ऐसे अन्य व्यापारियों का भी पता लगाया जा रहा है। जब आप दुकानदार से कोई सामान खरीदते हैं तो अमूमन महंगे सामान का बिल लेते हैं। बिल की इस पर्ची में प्रतिष्ठान, सामान का नाम और उसका मूल्य दर्ज होता है।
मगर, अब इन बिल की पर्चियों में जिहादी भाषा भी लिखी जा रही। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा कई दुकानदार व कारोबारी कर रहे हैं। फिलहाल, एक मामला प्रकाश में आया है। एक बिल की पर्ची मिली है, जिस पर व्यापारिक प्रतिष्ठान के नाम के स्थान पर व्यापारी का मोबाइल नंबर दर्ज है।