झींझक। शिशुपाल प्रेमिका को अपना बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को आतुर रहता था। वह प्रेमिका की मां को धमकी देता था कि तुम्हारी बेटी की डोली नहीं उठने दूंगा। घटना की जानकारी परिजन को होने के बाद दोनों के बीच आई दूरियों के कुछ महीनों पहले शुरू हुई उनकी प्रेम कहानी का खौफनाक अंत हो गया।
अकारू निवासी सोनेलाल निसंतान थे। करीब डेढ़ साल पहले उनकी तबीयत खराब हो जाने पर उनका भांजा शिशुपाल उनकी देखरेख करने के लिए उनके घर आ गया था। यहां रहने के दौरान उसकी मामा के घर से सटे घर में रहने वाली दूर की रिश्तेदार के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं।
मंगलवार को प्रेमिका की हत्या होने के बाद प्रेमिका के परिजन रो-रोकर बेहाल रहे। प्रेमिका की मां ने बताया कि शिशुपाल के बेटी से करीब छह माह पहले संबंध बन गए थे। उनके संबंध में गांव का एक युवक भी सहयोग करता था। जब शिशुपाल आगरा नौकरी पर जाता था तो बेटी के गतिविधियों की जानकारी वह उसे देता था। कुछ समय पहले परिजन को उनके संबंध की जानकारी हुई थी। इस पर उसने व पति ने बेटी को समझाया था। बेटी ने शिशुपाल से बात करना बंद कर दिया तो शिशुपाल आगरा से गांव लौट आया था। वह उसको बेटी की डोली न उठने देने की धमकी देता रहता था। सोमवार को भी शिशुपाल ने उसे यही धमकी दी थी।
उसे नहीं मालूम था कि शिशुपाल इतना निर्दयी निकलेगा कि वह उसकी बेटी की हत्या कर देगा। वहीं पुलिस की छानबीन में सामने आया कि दोनों के संबंधों को लेकर मंगलवार को उनके परिजन के बीच बातचीत हुई थी। इसमें दोनों एक-दूसरे से अलग रहने के लिए राजी हो गए थे। .....
पांच भाइयों में सबसे छोटा था शिशुपाल
शिशुपाल के आत्महत्या करने की जानकारी उसके गांव रामगढ़ सरैया पहुंचने पर उसकी मां सावित्री, भाई ऊदल, उमाशंकर, राजू, नेत्रपाल, बहन पुष्पा रोते बिखलते हुए घटना स्थल पर पहुंच गए। भाई उमाशंकर ने बताया कि शिशुपाल पांच भाइयों में सबसे छोटा था। मामा सोनेलाल के बीमार पड़ने पर मां ने उसे देखरेख के लिए उनके पास भेज दिया था। शुगर के चलते मामा का पैर कट गया था, फिर उनकी मौत हो गई थी। इलाज में मामा की खेती भी बिक गई थी। इसके बाद से मामी सोमवती बकरीपालन व कुछ जमीन पर फसल उगाकर भरण-पोषण करती हैं। अकारू आने के बाद से शिशुपाल ने उससे बात करनी बंद कर दी थी और गांव आना भी न के बराबर कर दिया था। घटना के दौरान मामी खेतों पर बकरी चराने के लिए गई थीं। भाई घर पर अकेला था, पड़ोसियों ने जब उसका शव फंदे पर देखा तो छोटे मामा शिवरतन ने उन्हें भाई के आत्महत्या की जानकारी दी।
...........
पोस्टमार्टम के लिए एक साथ गए शव
शिशुपाल व प्रेमिका के संबंध से उनके परिजन खुश नहीं थे और दोनों के बीच में बने संबंध को खत्म करवाना चाहते थे। मगर मंगलवार को प्रेमिका की हत्या के बाद शिशुपाल के आत्महत्या कर लेने पर परिजन एक ही लोडर में दोनों शव रखकर पोस्टमार्टम के लिए अकबरपुर ले गए। यहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिशुपाल की मौत फंदा लगाने की दम घुटने की वजह से होना पाई गई जबकि प्रेमिका की मौत अधिक रक्तश्राव से होना पाया गया। धारदार हथियार से हमला किए जाने से प्रेमिका की ट्रैकिया कट गई थी। गर्दन पर खरोंच के निशान व गाल पर चोट का निशान मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह बयां कर रही कि प्रेमिका की गर्दन काटने के दौरान दोनों के बीच संघर्ष नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद प्रेमिका के परिजन उसका शव अकारू ले गए जबकि शिशुपाल का शव उसके परिजन रामगढ़ सरैया ले गए।