पत्नी ने 2024 में दाखिल किया था मुकदमा
युवती ने आरोप लगाया कि पति जब भी बंगलूरू आता, तो उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट, क्रूरता करता था। अगस्त 2023 में जब पत्नी मायके आई तो पति ने उसका सारा सामान निकालकर घर पर कब्जा कर लिया। तब से वह बेटे के साथ मायके में ही रह रही है। पत्नी ने वर्ष 2024 में भरण-पोषण भत्ते और तलाक के लिए मुकदमा दाखिल किया।
हर पेशी के लिए दो हजार रुपये दिए जाने की मांग रखी
इसमें अपने लिए तीन लाख और बेटे के लिए दो लाख रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण भत्ता देने की मांग की। साथ ही वाद व्यय के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त और हर पेशी के लिए दो हजार रुपये दिए जाने की मांग भी रखी। वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप शुक्ला ने बताया कि पति ने विदाई का मुकदमा दाखिल किया। साथ ही पत्नी के मुकदमों में जवाब में कहा कि सिंगापुर महंगा शहर है।
अंतरिम भरण-पोषण की जरूरत नहीं
उसने बंगलूरू में चार फ्लैट ले रखे हैं, जिनके ऋण की अदायगी के लिए किस्त जाती है। वह सिर्फ एक लाख रुपये प्रतिमाह ही बचा पता है। जनवरी 2025 में उसकी नौकरी भी चली गई। पत्नी और बेटे के बैंक खातों में कई लाख रुपये जमा हैं। पत्नी पढ़ी-लिखी है, इसलिए उसे अंतरिम भरण-पोषण की जरूरत नहीं है।