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पत्नी हाथ-पैर चलाती रही...तड़पती रही, हैवान बने पति को रहम न आया, चलती ट्रेन में की ये बर्बरता

Sun, 23 Dec 2018 09:06 AM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मृतका की फाइल फोटो
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यूपी के कानपुर में एक ऐसी घटना का खुलासा हुआ जिसे सुनकर सभी के होश उड़ गए। पत्नी के खून के प्यासे पति ने उसको चलती ट्रेन में मौत के घाट उतार दिया। महिला अपनी जान बचाने के लिए हाथ-पैर चलाती रही, तड़पती रही, जिंदगी की भीख मांगती रही लेकिन हैवान बने पति को जरा सा भी रहम न आया। इतना ही नहीं उसने खुद के बचाव के लिए ऐसा नाटक किया था जिसे देखकर ट्रेन में मौजूद हर शख्स अचंभित रह गया।
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मुंबई से गोरखपुर जा रही एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में शुक्रवार को नवविवाहिता गुड़िया (22) की बीमारी से मौत नहीं हुई थी। चलती ट्रेन में पति ने ही उसकी गला दबाकर हत्या की थी। पोस्टमार्टम में गुड़िया की हाथ से गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। उसके शरीर पर आठ चोटें भी मिली हैं। परिजनों का आरोप है कि दहेज में बुलेट (बाइक) की मांग पूरी न होने पर गुड़िया की हत्या की गई है। जीआरपी सेंट्रल कानपुर ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी भाभी की तलाश की जा रही है।

 

कई बार गुड़िया ने उनसे शिकायत की...

मृतका की फाइल फोटो, आरोपी पति
सिद्धार्थ नगर के अज्ञया, गोल्हौरा निवासी वीरेंद्र गुप्ता मुंबई के घाटकोपर में सब्जी का व्यापार करता है। उसकी शादी पिछले साल चार मार्च को सिद्धार्थ नगर के माथा बाजार, गुठौरा मुस्ताकम की गुड़िया से हुई थी। गुड़िया के भाई प्रभु गुप्ता के मुताबिक शादी के कुछ दिन बाद से ही वीरेंद्र और उसकी भाभी रीना ने दहेज में बुलेट की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर गुड़िया को दोनों प्रताड़ित करने लगे। कई बार गुड़िया ने उनसे शिकायत की।

जुलाई में वीरेंद्र पत्नी गुड़िया, पिता सुखराम और भाभी रीना के साथ मुंबई चला गया था। वीरेंद्र और रीना वहां भी गुड़िया को पीटते थे। करीब 15 दिन पहले भाभी रीना मुंबई से सिद्धार्थ नगर लौट आई थी। बुधवार को वीरेंद्र ने घाटकोपर स्थित घर में गुड़िया को लात-घूंसे और डंडे से पीटा। बीच-बचाव करने पर अपने पिता सुखराम को भी नहीं बख्शा।
 

इस पर वीरेंद्र ने गुड़िया को जगाने का नाटक किया

वीरेंद्र ने गुड़िया को धमकी दी थी वह अपने मायके जाकर रहे। वह उसे साथ नहीं रखेगा। गुरुवार को वीरेंद्र पत्नी गुड़िया को सिद्धार्थ नगर मायके में छोड़ने के एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस से आ रहा था। दोनों स्लीपर कोच एस-पांच में थे। सफर के दौरान गुड़िया की मौत हो गई थी।

शुक्रवार सुबह 11:00 बजे ट्रेन सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-चार पर पहुंची तो रिजर्वेशन कराने वाले यात्री ने वीरेंद्र से सीट खाली करने को। इस पर वीरेंद्र ने गुड़िया को जगाने का नाटक किया। उसे मृत देख यात्री ने जीआरपी को मोबाइल के जरिए सूचना दी।

 

रात में सोते समय एकदम से गला दबाकर मार दिया

जीआरपी ने कोच में पहुंचकर छानबीन की। गुड़िया के गले पर चोट के निशान देखते ही पुलिस ने वीरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पत्नी की चलती ट्रेन में गला दबाकर हत्या करने का जुर्म कबूल लिया। बताया रात में सोते समय एकदम से गला दबाकर मार दिया। पुलिस ने उसके मायके और ससुराल वालों को सूचना दी।

देर रात गुड़िया के मायके वाले सेंट्रल पहुंचे। गुड़िया के पिता शेषराम गुप्ता ने वीरेंद्र और उसकी भाभी रीना के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जीआरपी प्रभारी राम मोहन राय के मुताबिक पोस्टमार्टम में गुड़िया की हाथ से गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। गले में नाखून और शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

गुड़िया ने जान बचाने के लिए हाथ-पैर चलाए

वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि कोच में यात्रा कर रहे अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे, उसी दौरान मैंने मौका पाकर सो रही पत्नी गुड़िया का गला दबा दिया। गुड़िया ने जान बचाने के लिए हाथ-पैर चलाए। घुटी-घुटी सी चीख भी निकली लेकिन ट्रेन की आवाज में उसकी आवाज दब गई।

पत्नी की हत्या के बाद वह न तो ट्रेन से उतरा और न कहीं भागा। सीट पर शव के बगल में बैठकर चाय-नाश्ता करता रहा। उसे लगा था कि स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर पत्नी की आकस्मिक मौत होने की बात लोगों से कहेगा। डॉक्टर चेकअप कर उसे मृत घोषित कर देगा और वह चुपचाप शव का अंतिम संस्कार देगा। लेकिन रेलवे के डॉक्टर ने गुड़िया के गले में चोट का निशान देखकर हत्या का शक जताया और पुलिस ने उसे दबोच लिया।

 
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चेहरे पर किसी तरह का डर और पछतावा नजर नहीं आया

जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि वीरेंद्र ने गुड़िया की हत्या का जुर्म कबूल लिया। पूछताछ के दौरान उसके चेहरे पर किसी तरह का डर और पछतावा नजर नहीं आया। उसने मुंबई के घाटकोपर स्थित घर से निकलने से लेकर गुड़िया की हत्या तक की कहानी सिलसिलेवार बयां कर दी। वीरेंद्र के अपनी भाभी रीना और गुड़िया के परिवार के एक करीबी से रिश्तों की बात भी सामने आई हैं। इन बिन्दुओं पर भी जांच की जा रही है।

गुड़िया शेषराम की इकलौती बेटी थी। खेतीबाड़ी करने वाले शेषराम के चार बेटे हैं। सभी प्राइवेट नौकरी करते हैं। शेषराम ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी में हैसियत से ज्यादा खर्च किया था। बाद में बुलेट की मांग पूरी नहीं कर सके तो वीरेंद्र ने गुड़िया की हत्या कर दी। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद मायके और ससुराल वाले गुड़िया का शव अंतिम संस्कार के लिए सिद्धार्थ नगर लेकर चले गए। 
 
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