नशे में लौटा पति, घर में मच गया कोहराम
आरोपी सुरेंद्र यादव उर्फ स्वामी रविवार रात करीब नौ बजे शराब के नशे में घर पहुंचा। पत्नी रूबी देवी ने एक बार फिर शराब पीने का विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ी और विवाद देखते ही देखते हिंसा में बदल गया।
गर्भवती पत्नी और मासूम पर बेरहमी से वार
गुस्से से बेकाबू सुरेंद्र ने धारदार हथियार से पहले पत्नी रूबी देवी (32) की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद उसने ढाई साल के बेटे लवांश के सिर पर भी कई वार कर उसे भी मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, फॉरेंसिक जांच
सूचना मिलते ही जेसीपी कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार, डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी योगेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आलाकत्ल (बांका) को बरामद कर लिया गया।
शराब को लेकर रोज का झगड़ा, बनी मौत की वजह
डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र शराब का आदी था। पत्नी रूबी देवी उसके नशे और खर्च को लेकर लगातार विरोध करती थी। इसी घरेलू कलह ने आखिरकार खौफनाक रूप ले लिया।
गरीबी, नशा और बिखरता परिवार
ग्रामीणों के अनुसार सुरेंद्र कभी ट्रक में खलासी तो कभी मजदूरी करता था। कम आमदनी के बावजूद वह ज्यादातर पैसा शराब में उड़ा देता था। इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था और इसी बात को लेकर पति-पत्नी में आए दिन झगड़े होते थे।
शराब की लत ने छीना सब कुछ
पांच माह की गर्भवती पत्नी और मासूम बेटे की हत्या की यह वारदात एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि शराब की लत किस तरह इंसान को हैवान बना देती है। नशे की आग में सुरेंद्र ने न सिर्फ अपने परिवार को खत्म किया, बल्कि अपनी जिंदगी भी अंधेरे में झोंक दी।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए शव
पुलिस ने देर रात मां और बेटे के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत यादव ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।