कानपुर देहात। गजनेर क्षेत्र के कुढ़वा में करीब पांच साल पहले विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने पति को दोषसिद्ध करते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई इसके साथ ही उसपर अर्थदंड भी लगाया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में ससुर को दोषमुक्त कर दिया है।
गजनेर क्षेत्र के गांव नहौली निवासी रामकिशोर संखवार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उसने अपनी पुत्री पिंकी की शादी वर्ष 2013 में क्षेत्र के कुढ़वा निवासी बाबूराम संखवार के साथ अपनी सामर्थ्य अनुसार दान दहेज देकर की थी। मगर दामाद व उसके परिवार वाले दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे। आए दिन अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये व मोटर साइकिल की मांग कर उसकी पुत्री के साथ मारपीट कर प्रताड़ित करते थे।
इसी दौरान 18 अक्टूबर 2019 को पति बाबूराम संखवार, ससुर राजाराम व देवर बाबू सिंह ने उसकी पुत्री की पीट-पीटकर हत्या कर दी और गले में फंदा लगा कर बेड में डालकर भाग गए। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए पति बाबूराम और ससुर राजाराम के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे। वहीं, बाबू सिंह के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम हटा दिया था। मामले की सुनवाई जिला जज जय प्रकाश तिवारी की अदालत में चल रही थी।
प्रभारी डीजीसी डॉ. विजय सिंह व एडीजीसी संतोष कटियार ने बताया कि बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी पति बाबूराम को दोषसिद्ध करते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास काटने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही साक्ष्य के अभाव में ससुर राजाराम को दोषमुक्त कर दिया है।